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शहीद बेटे का शव देख बोली मां- मेरा इकलौता लाल, 23 साल का होने वाला था
amarujala.com- Presented by: मुकेश झा
Updated Thu, 11 May 2017 02:01 PM IST
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लेफ्टिनेंट उमर फैयाज
दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकियों की गोली का शिकार हुए युवा लेफ्टिनेंट उमर फैयाज के मां ने कहा, "मेरे बेटे का जन्म 1994 का है। फैयाज मेरा 22 साल का एकलौता बेटा था। कुछ ही हफ्तों में वो 23 साल का हो जाता।"
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साथ ही फैयाज के बहन अस्मत ने कहा, "वो पढ़ने में बहुत तेज था। 12वीं परीक्षा में उसने 96 प्रतिशत अंक हासिल की थी। वह एआईई परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसने इस परीक्षा की तैयारी कर एनडीए की परीक्षा पास किया।" फैयाज की बहन अस्मत ने कहा कि मेरे पिता पेशे से किसान हैं और वे घाटी में सेब की खेती करते हैं। लेकिन उनकी बहुत इच्छा थी की फैयाज पायलट बने। फैयाज की खेलों में भी काफी रुचि थी। वे एनडीए की हॉकी टीम में भी खेल चुका है।
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बता दें कि फैयाज जम्मू के अखनूर में सेना की राजपूताना राइफल में तैनात थे। वह 129वैं बैच के कैडेट थे। पांच महीने पहले ही 10 दिसंबर 2016 को उन्होंने एनडीए से सेना में ज्वाइन किया था। फैयाज ने अपने रिश्तेदार की शादी के लिए छुट्टी ली थी। उन्हें 25 मई को अखनूर क्षेत्र में मौजूद अपने यूनिट में वापस जाना था, लेकिन यह शादी उनकी जिंदगी की आखिरी शादी भी बन गई। उसकी मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
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