कश्मीर में पत्थरबाजों पर लगेगी लगाम? बख्तरबंद गाड़ियां रहेंगी तैनात
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कश्मीर में मुठभेड़ के दौरान आतंकवादियों की परोक्ष मदद के लिए पत्थरबाजी की बढ़ती घटना से आजिज सेना ने अब इससे निपटने की ठोस रणनीति तैयार कर ली है। सेना ने अब ऐसे मुठभेड़ों के दौरान एक बख्तरबंद गाड़ी को मौके पर हर हाल में उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया है।
बख्तरबंद गाड़ी में मौजूद जवान न सिर्फ मुठभेड़स्थल पर स्थानीय लोगों को जमावड़ा लगाने से रोकेंगे, बल्कि इस दौरान पत्थरबाजी कर रहे लोगों की पहचान भी सुनिश्चित करेंगे। गाड़ी के अंदर निर्मित अत्याधुनिक कंट्रोल रूम इस दौरान सेना और सुरक्षा बलों के बीच समन्वय भी स्थापित करेगी।
वीडियोग्राफी के जरिए पत्थरबाजी करने वाले युवकों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी
दरअसल हंदवाड़ा मुठभेड़ के दौरान हुई पत्थरबाजी के कारण अपने 4 जवानों की शहादत से चिंतित सेना ने बीते 14 फरवरी को भावी सुरक्षा रणनीति पर गंभीर चर्चा की। इसी बैठक में मुठभेड़ के दौरान मौके पर अत्याधुनिक कंट्रोल रूम वाली बख्तरबंद गाड़ी की अनिवार्य उपस्थिति का फैसला लिया गया। लिए गए फैसले के मुताबिक अब भविष्य में होने वाले मुठभेड़ों के दौरान बख्तरबंद गाड़ी में मौजूद जवानों के जरिए स्थानीय लोगों को मौके से दूर रखा जाएगा। इस दौरान वीडियोग्राफी के जरिए पत्थरबाजी करने वाले युवकों की पहचान सुनिश्चित करने के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि बीते कुछ महीने से कश्मीर घाटी में मुठभेड़ के दौरान सेना को परेशान करने की घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। इस कारण कई बार आतंकवादियों को मौके से भागने में भी सफलता मिली है। हालांकि सेना तब चिंतित हुई जब हंदवाड़ा में मुठभेड़ के दौरान हुई पत्थरबाजी के कारण आतंकवादियों को सेना पर हमला बोलने का मौका मिला। इस मुठभेड़ में एक अधिकारी सहित सेना के4 जवान शहीद हुए। पत्थरबाजों ने उस समय घायल हुए सेना के अधिकारी के बचाव और सहायता के दौरान भी बाधा पहुंचाई।