{"_id":"6a4295e2a147937e6e020673","slug":"army-comes-to-the-rescue-amidst-assam-floods-27-stranded-people-safely-evacuated-2026-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"असम बाढ़ में सेना बनी सहारा: 27 फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला, राहत एवं बचाव अभियान जारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
असम बाढ़ में सेना बनी सहारा: 27 फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला, राहत एवं बचाव अभियान जारी
Mon, 29 Jun 2026 09:27 PM IST
Rahul Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, गुवाहाटी
अमर उजाला ब्यूरो, गुवाहाटी
Published by: Rahul Kumar
Updated Mon, 29 Jun 2026 09:27 PM IST
विज्ञापन
असम बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
असम के धेमाजी जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय सेना ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर 27 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। सेना की स्पीयर हेड डिवीजन ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और जिला प्रशासन के साथ मिलकर यह संयुक्त अभियान चलाया।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने सोमवार को बताया कि लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण अरुण चापोरी क्षेत्र के कई हिस्सों में लोग फंस गए थे। सूचना मिलते ही सेना की टीम राहत कार्य में जुट गई। खराब मौसम, तेज बहाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल प्रभावित इलाकों तक पहुंचे और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान 27 लोगों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से राहत अभियान तेज और व्यवस्थित ढंग से पूरा किया गया।
विज्ञापन
रावत ने कहा कि सीमा सुरक्षा के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिकों की सहायता करना भी भारतीय सेना की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। धेमाजी का यह अभियान सेना की त्वरित तैयारी, अनुशासन और मानवीय सेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पूर्वोत्तर में जारी बाढ़ के बीच सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
विज्ञापन
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने सोमवार को बताया कि लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण अरुण चापोरी क्षेत्र के कई हिस्सों में लोग फंस गए थे। सूचना मिलते ही सेना की टीम राहत कार्य में जुट गई। खराब मौसम, तेज बहाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल प्रभावित इलाकों तक पहुंचे और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान 27 लोगों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से राहत अभियान तेज और व्यवस्थित ढंग से पूरा किया गया।
विज्ञापन
रावत ने कहा कि सीमा सुरक्षा के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिकों की सहायता करना भी भारतीय सेना की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। धेमाजी का यह अभियान सेना की त्वरित तैयारी, अनुशासन और मानवीय सेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पूर्वोत्तर में जारी बाढ़ के बीच सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।