Amit Shah: गृहमंत्री के दौरे से पहले सेना प्रमुख पांडे पहुंचे मणिपुर, हालातों के बारे में राज्यपाल से की बात
इंफाल के मंत्रीपुखरी में असम राइफल्स के आईजी मुख्यालय पर उन्होंने सुरक्षा के साथ पहुंचाया गया। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि जातीय संघर्ष के कारण बने हालातों की समीक्षा करने के लिए जनरल पांडे इंफाल आएं हैं। जनरल राज्यपाल, मुख्यमंत्री और सुरक्षा सलाहकार से भी मुलाकात करेंगे।
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भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने शनिवार को सैन्य अधिकारियों के साथ मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके से राजभवन में मुलाकात की। सेना प्रमुख जनरल पांडे शनिवार को दो दिवसीय यात्रा के लिए मणिपुर पहुंचे। यहां उन्होंने कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। पिछले दिनों राज्य में हिंसा भड़क थी, जिससे सरकारी संपत्ति सहित कई निजी संपत्तियां भी जलकर खाक हो गई थी। जनरल पांडे, पूर्वी कमांड के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता के साथ टिकेंद्रजीत इंफाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे उतरे थे। सेना प्रमुख ने राज्यपाल से राज्य के वर्तमान स्थिति और भविष्य की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने राज्य की हालत को सामान्य करने पर विचार विमर्श किया।
कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे
इंफाल के मंत्रीपुखरी में असम राइफल्स के आईजी मुख्यालय पर उन्होंने सुरक्षा के साथ पहुंचाया गया। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि जातीय संघर्ष के कारण बने हालातों की समीक्षा करने के लिए जनरल पांडे इंफाल आएं हैं। जनरल स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री और सुरक्षा सलाहकार से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा सेना प्रमुख सुरक्षा बलों के अधिकारियों से मिलकर कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। रविवार को जनरल पांडे वापस दिल्ली रवाना हो जाएंगे। जबकि, लेफ्टिनेंट जनरल गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के बाद यहां से रवाना होंगे।
हिंसा पर अमित शाह का कड़ा रुख
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हिंसाग्रस्त मणिपुर को लेकर बड़ा बयान दिया है। गृहमंत्री ने पहली बार कहा, मैं केद्र सरकार की ओर से प्रदेश के सभी लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि सबके साथ न्याय होगा। हिंसा करने वालों को हम बख्शेंगे नहीं। उन्होंने कहा, पहले दोनों ग्रुप शांति बनाने का निर्णय करें।
जानिए, क्यों हुआ था विवाद
मणिपुर की बहुसंख्यक मैतेई समुदाय अनुसूचित जनजाति का दर्जा पाने की मांग कर रही है। उनका कहना है कि उन्हें एसटी वर्ग में शामिल किया जाए। इसके विरोध में उन्होंने आदिवासी एकजुटता मार्च निकाला था। मार्च के दौरान चुराचांदपुर और तोरबंग इलाके में हिंसा भड़क गई थी। रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 23 हजार लोगों को सुरक्षित सैन्य छावनियों में भेज दिया गया है। इलाके में अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ केंद्रीय पुलिस के भी करीब 10 हजार जवानों को तैनात किया गया है। दावा किया जा रहा है कि झड़प में करीब 60 लोगों की मौत हुई है। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए इलाके में कर्फ्यू भी लगा दिया गया था।