नागरिकता पर मोदी सरकार ने गांधी, नेहरू का वादा पूरा किया: आरिफ मोहम्मद खान
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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने नागरिकता संशोधन अधिनियम पर सरकार का खुलकर पक्ष लिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस द्वारा किया गया वादा पूरा किया है जो उन्होंने पाकिस्तान में प्रताड़ित किए गए लोगों से किए थे। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम की नींव साल 1985 और 2003 में रख दी गई थी। सरकार ने इस अधिनियम को केवल कानूनी रूप दिया है।
Governor of Kerala, Arif Mohammad Khan on #CitizenshipAct: Government has kept the promise that Mahatma Gandhi, Pandit ji & Congress had made to people who were living deplorable lives in Pakistan. The foundation of Act was laid in 1985&2003, govt just gave a legal form to it. pic.twitter.com/xLRbcDVWae
— ANI (@ANI) December 21, 2019विज्ञापन
आरिफ मोहम्मद खान का यह बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण है। बता दें कि आरिफ मोहम्मद खान कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता भी रह चुके हैं। साल 1986 में उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इसका कारण था तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा लाया गया मुस्लिम पर्सनल लॉ बिल। शाहबानो केस पर कांग्रेस के रुख के विरोध में उन्होंने इस्तीफा दिया था। आरिफ तीन तलाक के खिलाफ भी रहे हैं।
इसके बाद आरिफ साल 1989 में जनता दल में शामिल हो गए। जनता दल की सरकार में उन्होंने नागरिक उड्डयन और ऊर्जा मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्होंने साल 2004 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली, यहां वो उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से लोकसभा चुनाव जीते। साल 2007 में उन्होंने भाजपा से भी इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने इसी साल सितंबर महीने में केरल के राज्यपाल पद की शपथ ली।