एंटीलिया मामला : एनआईए की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस की कार्रवाई, सचिन वाजे को किया निलंबित
उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर जिलेटिन की छड़ों से लदी स्कॉर्पियो के मामले में गिरफ्तार मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे को सोमवार को निलंबित कर दिया गया है। बता दें कि मुंबई पुलिस की यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा सचिन वाजे को गिरफ्तार किए जाने के बाद की गई है।
एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो मिलने के मामले में गिरफ्तार किए गए सचिन वाजे ने सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है। सचिन वाजे ने कोर्ट में एनआईए की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका दी है। अदालत ने सचिन वाजे की याचिका स्वीकार ली है।
Police officer Sachin Waze placed under suspension by an order of Addl CP Special Branch: Mumbai Police PRO, S Chaitanya to ANI
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He was arrested by NIA in connection with its investigation into the recovery of explosives from a car parked near Mukesh Ambani's house in Mumbai. pic.twitter.com/ent3Il45bA— ANI (@ANI) March 15, 2021
एंटीलिया के बाहर जिलेटिन की छड़ों से भरी स्कॉर्पियो मामले की जांच करते हुए एनआईए को सीसीटीवी फुटेज में एक इनोवा भी दिखाई दी। बताया जा रहा है कि स्कार्पियो खड़ी करने के बाद चालक इसी इनोवा में बैठकर फरार हो गया। एनआईए के अधिकारी अब इसकी जांच कर रहे हैं कि क्या सफेद रंग की कार में सहायक पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाजे बैठे थे।
सूत्रों के मुताबिक, सचिन वाजे से पूछताछ में एनआईए को इस केस से जुड़ी कई अहम जानकारी मिली है। यह भी पता चला है कि सीआईयू जिलेटिन की छड़ से लदी स्कार्पियो और उसके साथ दिखी इनोवा कार मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ही इस्तेमाल कर रही थी। स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन ने पुलिस को बताया था कि स्कार्पियो कार उसकी है, जो ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास से गायब हो गई थी।
वाजे की कॉल डिटेल खगांल रही एनआईए
इनोवा कार बरामद करने के बाद एनआईए ने सचिन वाजे का कॉल डिटेल भी खंगलाना शुरू कर दिया है। एनआईए यह जानना चाहती है कि आखिरकार, मुकेश अंबानी के आवास के पास विस्फोटक कार रखने का मकसद क्या था। इस मामले में एनआईए और एटीएस मिलकर काम कर रही हैं। जांच में यह भी निष्कर्ष निकाला गया है कि इस पूरे घटनाक्रम में सचिन वाजे राजदार हैं, लेकिन इसमें और कई लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए पूरी साजिश का पता लगाने के लिए सीआईयू के अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ शुरू की गई है।