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एंटीलिया मामला: 'अंबानी परिवार में खौफ पैदा करना चाहता था...', अदालत ने सचिन वाजे को जमानत देने से किया इनकार

Fri, 22 Sep 2023 10:34 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 22 Sep 2023 10:34 PM IST
सार

मुंबई की एक विशेष अदालत ने एंटीलिया बम कांड मामले और व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि वह अंबानी परिवार के मन में खौफ पैदा करना चाहते थे। 

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Antilia bomb scare case: Ex-cop Waze wanted to create terror in the mind of Ambanis, says NIA court
sachin waze - फोटो : ANI (File Photo)

विस्तार

मुंबई की एक विशेष अदालत ने एंटीलिया बम कांड मामले और व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि वह अंबानी परिवार के मन में खौफ पैदा करना चाहते थे। 

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अदालत ने कहा कि अंबानी के आवास एंटीलिया के पास लगाई गई जिलेटिन की छड़ें डेटोनेटर से जुड़ी नहीं हैं, लेकिन यह लोगों के मन में आतंक पैदा करने के लिए पर्याप्त है।

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विशेष एनआईए न्यायाधीश ए एम पाटिल ने 16 सितंबर को वाजे को जमानत देने से इनकार कर दिया था और विस्तृत आदेश शुक्रवार को उपलब्ध कराया गया। गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि आवेदक और मामले के सह-आरोपी ने अंबानी परिवार के मन में खौफ फैलाने की कोशिश की थी और एक-दूसरे के साथ साजिश रचने के बाद हिरेन की हत्या कर दी थी।

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उन्होंने कहा, 'यह एक सुनियोजित हत्या थी। कानून के शिकंजे से बचने के लिए हर सावधानी बरती गई। भारतीय दंड संहिता की एक धारा के तहत यह कोई साधारण आरोप नहीं है। ऐसी स्थिति में यदि आवेदक को जमानत पर रिहा किया जाता है, तो उसके गवाहों के साथ छेड़छाड़ करने की पूरी संभावना है।'
 

अदालत ने कहा, 'यह पूरी तरह स्पष्ट है कि जिलेटिन की छड़ें डेटोनेटर से जुड़ी नहीं थीं, लेकिन यह लोगों के मन में खौफ पैदा करने के लिए पर्याप्त थीं। यहां इस मामले में आवेदक का प्रयास लोगों के एक विशेष वर्ग के मन में आतंक पैदा करना था और वह अंबानी परिवार है।'
 

इसमें कहा गया है कि अभियोजन पक्ष की कहानी से पता चलता है कि वाजे ने 'फिर से प्रभाव हासिल करने' की साजिश रची। अदालत ने कहा कि जब फरवरी 2021 में यह घटना हुई, तो आरोपी अपराध खुफिया इकाई (सीआईयू) से जुड़ा था और उसे एक पुलिस अधिकारी के रूप में कर्तव्यों को सौंपा गया था।
 

हालांकि, गवाहों के बयानों पर गौर करने पर यह पता चलता है कि हिरेन से एसयूवी लाना, एंटीलिया के पास एक नोट और जिलेटिन की छड़ों के साथ उसे खड़ा करना और हत्या वाजे के कर्तव्यों का हिस्सा नहीं थे। अदालत ने कहा कि वाजे अपनी याचिका में इस बारे में चुप हैं कि ये गतिविधियां कैसे उनके कर्तव्य का हिस्सा थीं, लेकिन वह एक सरकारी कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पूर्व मंजूरी प्राप्त करने के बिंदु का लाभ उठाना चाहते हैं।
 

पुलिस विभाग में आंतरिक प्रतिद्वंद्विता की वाजे की दलील पर अदालत ने कहा कि उनकी जमानत याचिका में इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है कि पुलिस विभाग में उनकी किसके साथ प्रतिद्वंद्विता थी और उन्हें झूठे मामले में कैसे फंसाया गया। मुकदमे में देरी के आधार पर अदालत ने कहा कि आरोपपत्र और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बहुत बड़े हैं और मामले में 10 आरोपी हैं।

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