फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Anti Corruption Bureau arrested two officials of NRC over accepting bribe in dispur

रिश्वत लेकर एनआरसी रजिस्टर में जोड़े जा रहे नाम, रंगे हाथ पकड़ गए दो अधिकारी

Fri, 14 Jun 2019 02:46 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिसपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिसपुर Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 14 Jun 2019 02:46 PM IST
विज्ञापन
Anti Corruption Bureau arrested two officials of NRC over accepting bribe in dispur
फाइल फोटो
एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) में नाम जोड़ने की एवज में रिश्वत लेते हुए दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने गुरुवार को 48 साल के सैयद शाहजहां और 27 साल के राहुल पाराशर को 10 हजार रुपये बतौर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। इन दोनों को गुवाहाटी स्थित दिसपुर एनआरसी केंद्र नंबर आठ के कार्यालय से दोनों को गिरफ्तार किया गया है। 
विज्ञापन


एसीबी के निदेशक ने कहा, 'सैयद शाहजहां फील्ड लेवल अधिकारी और राहुल पराशर असिस्टेंट लोकल रजिस्ट्रार ऑफ सिटिजन रजिस्ट्रेशन के पद पर तैनात हैं। दोनों के खिलाफ दिसपुर जिले की आनंद नगर निवासी कजरी घोष ने शिकायत की थी। महिला के अनुसार उसका नाम एनआरसी के ड्राफ्ट में शामिल नहीं हैं। शिकायतकर्ता ने जब एनआरसी ड्राफ्ट में नाम शामिल करने के लिए आवेदन दिया, तो अधिकारियों ने उससे 10 हजार रुपए बतौर रिश्वत मांगे।'
विज्ञापन

बरामद हुए महत्वपूर्ण दस्तावेज

निदेशक ने बताया, ‘आरोपियों के पास से रुपए और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर लिए गए हैं। एनआरसी सेवा केंद्र पर भी जांच की जा रही है। महिला के आवेदन में दोनों आरोपियों ने गलतियां निकाली थीं। इन्हीं गलतियों को दूर करने के एवज में महिला से 10 हजार रुपए की मांग की गई थी। दोनों को फिलहाल अदालत में पेश किया जाएगा।’
विज्ञापन
विज्ञापन

असम और पश्चिम बंगाल में हुआ था हंगामा

पिछले साल जुलाई में जब एनआरसी की सूची आई थी तब 40 लाख लोगों का नाम सूची में शामिल नहीं था। जिससे कि उनकी नागरिकता पर खतरा पैदा हो गया था। इसके बाद पूर्वोत्तर के दो राज्यों पश्चिम बंगाल और असम में काफी हंगामा हुआ था। उस समय एनआरसी में 2.89 करोड़ लोगों के नाम शामिल थे जबकि 3.29 करोड़ लोगों ने इसके लिए आवेदन किया था।

31 जुलाई तक होगा एनआरसी का अंतिम प्रकाशन

उच्चतम न्यायालय ने आठ मई को सुनवाई करते हुए एनआरसी की समय सीमा बढ़ाने से साफ मना कर दिया था। अदालत ने आदेश दिया था कि एनआरसी का अंतिम प्रकाशन 31 जुलाई तक हो जाना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एनएफ नरीमन की बेंच ने एनआरसी सूची में छूटे लोगों की नागरिकता के दावों को वंशावली और भूमि के रिकॉर्ड के आधार पर शामिल करने पर कहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed