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अन्ना हजारे ने लोकपाल के लिये अपने गांव रालेगण सिद्धी में शुरू की भूख हड़ताल
Wed, 30 Jan 2019 03:17 PM IST
Avdhesh Kumar
भाषा, रालेगण सिद्धी
भाषा, रालेगण सिद्धी
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Wed, 30 Jan 2019 03:17 PM IST
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Anna Hazare
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सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर लोकपाल नियुक्त करने और राज्य में लोकायुक्त कानून बनाने का वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए बुधवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी।
हजारे ने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में अपने गांव रालेगण सिद्धी के पद्मावती मंदिर में सुबह पूजा की। इसके बाद उन्होंने छात्रों, युवाओं और किसानों के साथ यादवबाबा मंदिर तक यात्रा निकाली और फिर वहीं नजदीक में भूख हड़ताल पर बैठ गए।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले अन्ना ने कहा कि वह महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के उस फैसले का स्वागत करते हैं जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री के कार्यालय को लोकायुक्त के दायरे में लाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तब सरकार सत्ता में आने से पहले किए गए अपने वादों जैसे लोकायुक्त कानून बनाने, लोकपाल नियुक्त किये जाने तथा किसानों के मुद्दे सुलझाने को पूरा नहीं कर देती।
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इससे पहले महाराष्ट्र के मंत्री और सरकार तथा अन्ना हजारे के बीच दूत की भूमिका निभा रहे गिरीश महाजन ने मंगलवार को अन्ना से भूख हड़ताल को रद्द करने की अपील की थी। उन्होंने दावा किया था कि अन्ना की लगभग सभी मांगों को पूरा किया जा चुका है।
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हजारे ने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में अपने गांव रालेगण सिद्धी के पद्मावती मंदिर में सुबह पूजा की। इसके बाद उन्होंने छात्रों, युवाओं और किसानों के साथ यादवबाबा मंदिर तक यात्रा निकाली और फिर वहीं नजदीक में भूख हड़ताल पर बैठ गए।
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भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले अन्ना ने कहा कि वह महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के उस फैसले का स्वागत करते हैं जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री के कार्यालय को लोकायुक्त के दायरे में लाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तब सरकार सत्ता में आने से पहले किए गए अपने वादों जैसे लोकायुक्त कानून बनाने, लोकपाल नियुक्त किये जाने तथा किसानों के मुद्दे सुलझाने को पूरा नहीं कर देती।
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इससे पहले महाराष्ट्र के मंत्री और सरकार तथा अन्ना हजारे के बीच दूत की भूमिका निभा रहे गिरीश महाजन ने मंगलवार को अन्ना से भूख हड़ताल को रद्द करने की अपील की थी। उन्होंने दावा किया था कि अन्ना की लगभग सभी मांगों को पूरा किया जा चुका है।