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Ankur Warikoo: 'पापा की नौकरी चली गई, कर्जे में...', पिता के साथ तस्वीर साझा कर उद्यमी ने याद किए पुराने दिन

Fri, 30 Aug 2024 09:23 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 30 Aug 2024 09:23 AM IST
सार

अंकुर वारिकू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने पिता के साथ की एक अनदेखी तस्वीर साझा की और साथ ही बताया कि कैसे उस समय उनका परिवार वित्तीय परेशानियों से जूझ रहा था। 

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Ankur Warikoo Shares Poignant Story of Father's Job Loss and Stolen Savings
अंकुर वारिकू अपने पिता के साथ। - फोटो : एक्स/@warikoo

विस्तार

इंटरनेट जगत या सोशल मीडिया की दुनिया में अंकुर वारिकू किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। निवेश से लेकर स्टार्टअप पर सलाह-सुझाव और फंडिंग देने वाले अंकुर आज एक उद्यमी, कंटेंट क्रिएटर और मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने बचपन से जुड़ी एक याद साझा की। उन्होंने बताया कैसे बचपन में हुईं घटनाओं ने उन्हें उथल-पुथल और स्थिरता के बीच का अंतर सिखाया।  

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एक अनदेखी तस्वीर साझा की
अंकुर वारिकू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने पिता के साथ की एक अनदेखी तस्वीर साझा की और साथ ही बताया कि कैसे उस समय उनका परिवार वित्तीय परेशानियों से जूझ रहा था। उन्होंने कहा, 'सन् 1995 में, मैं 15 साल का था। तब पापा की नौकरी चली गई थी। उस समय बैंक में कुछ हजार रुपये ही रह गए थे। पापा 10 हजार रुपये लेकर बैंक से निकालकर ला रहे थे, तभी किसी ने उन्हें लूट लिया।'
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कर्जे में डूब गए...
उन्होंने आगे कहा, 'हम परेशानियों से घिर गए। कर्जे में डूब गए। लोगों के हमारे ऊपर अहसान हो गए। हमारे दरवाजे पर कलेक्टर तक आ गए थे। मुझे याद है कभी- कभी मम्मी और पापा खाना भी नहीं खाते थे क्योंकि हमारे पास पैसे नहीं होते थे। मम्मी प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाती थीं। उनका वेतन मात्र एक हजार रुपये होता था। उस समय उन्हीं एक हजार रुपयों से हमारा घर चल रहा था।'
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कश्मीर के घर को भी किया याद
उद्यमी ने उस पल को याद किया जब सरकार ने कश्मीर में उनके पिता के घर के लिए मुआवजे का एलान किया, जो टूट चुका था। उन्होंने कहा कि मुआवजे को स्वीकार करने का मतलब साफ था कि जिस घर में मैं बड़ा हुआ था उस पर हमारा हक नहीं रहेगा। मगर वह पैसा हमें परेशानियों से निकाल सकता था। इसलिए हमने मुआवजा स्वीकार कर लिया।'

पैसों की वास्तविक अहमियत पर दिया जोर
जीवन में पैसों की अहमियत पर विचार करते हुए वारिकू ने इसके वास्तविक उद्देश्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'पैसों का उद्देश्य स्थिरता खरीदना है। खुशी, विकास, चीजें और स्टेटस खरीदने नहीं। पैसों से प्रदान की जाने वाली लका गुलाम बनने के बजाय बल्कि इससे आने वाली स्थिरता के लिए इसका सम्मान करना चाहिए।'

सोशल मीडिया पर लोग दे रहे जमकर प्रतिक्रिया
वारिकू ने बुधवार को यह पोस्ट साझा की। तब से अब तक 24 लाख लोग इसे पढ़ चुके हैं और 15 हजार से अधिक लोगों ने पोस्ट को पसंद किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए यूजर ने लिखा, 'मेरे पास अभी पैसे नहीं है। पैसे से मिलने वाली स्थिरता को पूरी तरह से समझ सकता हूं और आपके जीवन से खुद को जुड़ा महसूस कर सकता हूं।'


एक अन्य ने कहा कि क्या यह आश्चर्यजनक नहीं है कि कैसे जीवन हमें गर्व करने का विकल्प देता है। वहीं, एक और यूजर ने कहा, 'जीवन में अभी इस स्थिति से गुजर रहे एक व्यक्ति के रूप में मेरे सभी दोस्त कमा रहे हैं और मैं बहुत कोशिश करने के बाद भी एक पैसा कमाने में असमर्थ हूं। मैं वास्तव में पैसे के मूल्य को समझता हूं।'

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