Anil Anthony: भाजपा में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री के बेटे अनिल एंटनी, कांग्रेस नेता बोले- यह गलत फैसला
पिछले दिनों बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री आने के बाद कांग्रेस के स्टैंड पर अनिल ने सवाल खड़े किए थे। अनिल ने इसको लेकर सोशल मीडिया पर लिखा था, जिसके बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने उनकी आलोचना की थी।
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भाजपा के स्थापना दिवस समारोह पर बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी भाजपा में शामिल हो गए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान अनिल एंटनी ने कहा कि एक भारतीय युवा होने के नाते मुझे ऐसा लगता है कि यह मेरी जिम्मेदारी और कर्तव्य है कि मैं प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता के दृष्टिकोण में अपना योगदान दूं। इसके बाद अनिल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की।
अपने बेटे अनिल एंटोनी के भाजपा में शामिल होने पर एके एंटनी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अनिल के भाजपा में शामिल होने के फैसले ने मुझे आहत किया है। यह बहुत ही गलत फैसला है। भारत का आधार एकता और धार्मिक सद्भाव है। 2014 के बाद जब से मोदी सरकार सत्ता में आई, वे व्यवस्थित रूप से विविधता और धर्मनिरपेक्षता को कमजोर कर रहे हैं। भाजपा सिर्फ एकरूपता में विश्वास रखती है, वे देश के संवैधानिक मूल्यों को नष्ट कर रहे हैं।
बता दें कि पिछले दिनों बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री आने के बाद कांग्रेस के स्टैंड पर अनिल ने सवाल खड़े किए थे। अनिल ने इसको लेकर सोशल मीडिया पर लिखा था, जिसके बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने उनकी आलोचना की थी। इसके बाद अनिल एंटनी ने अपने सभी पद छोड़ दिए थे।
#WATCH | Congress leader & former Defence minister AK Anthony's son, Anil Anthony joins BJP in Delhi pic.twitter.com/46hSt9IT4S
— ANI (@ANI) April 6, 2023
डाक्यूमेंट्री देश की संप्रभुता को कमजोर करेगा: अनिल एंटनी
एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने भाजपा का समर्थन करते हुए कहा था कि भारतीय संस्थानों पर ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर के विचारों को रखना देश की संप्रभुता को कमजोर करेगा। उन्होंने कहा, 'बीजेपी के साथ बड़े मतभेदों के बावजूद, मुझे लगता है कि वे (भारत में) बीबीसी के विचारों को रखते हैं, एक राज्य प्रायोजित चैनल (कथित भारत) पूर्वाग्रहों के एक लंबे इतिहास के साथ हमारी संप्रभुता को कमजोर कर देंगे'।