अमरावती भूमि घोटाला: पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू और पूर्व मंत्री के खिलाफ मामले पर रोक
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आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य की सीआईडी की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उनकी कैबिनेट में मंत्री रहे पी नारायण के खिलाफ दायर किए गए मामले पर रोक लगा दी। आरोप है कि पूर्ववर्ती टीडीपी (तेलुगू देशम पार्टी) ने बेईमानी और धमकी देकर दलितों की जमीन पर कब्जा कर लिया था। इससे पहले गुरुवार को नायडू और नारायण ने याचिका दायर कर इस मामले में उनके खिलाफ सीआईडी की प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया था।
दायर की थी याचिका
इस मामले में तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू और पूर्व मंत्री पी नारायण ने गुरुवार को ही आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज सीआईडी की प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया था।
कानूनी सूत्रों ने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा इस विषय को शुक्रवार को सुनवाई करने के लिए सूचीबद्ध किया था। यह प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों और एससी-एसटी(अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के तहत 12 मार्च को दायर की गई थी।
Andhra Pradesh High Court stays the case filed by State's CID against ex-CM N Chandrababu Naidu & former minister in his cabinet, P Narayana in a case alleging that the previous TDP govt had taken away the lands assigned to dalits by cheating & threatening them.
(File pic) pic.twitter.com/cd1Uiicgdj — ANI (@ANI) March 19, 2021
एफआईआर में अधिकारियों के भी नाम
अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की प्राथमिकी वाईएसआर कांग्रेस विधायक अल्ला रामकृष्ण रेड्डी की 24 फरवरी की एक शिकायत पर आधारित है। इसके एक महीने पहले उच्च न्यायालय ने अमरावती भूमि घोटाले में 'भेदिया कारोबार' से जुड़े एक मामले को रद्द कर दिया था।
प्राथमिकी में नायडू और नारायण के अलावा अन्य अधिकारियों को भी शामिल किया गया है, लेकिन उन्हें अभी नामजद नहीं किया गया है। सीआईडी ने नायडू और नारायण, दोनों को नोटिस जारी कर विजयवाड़ा स्थित उसके क्षेत्रीय कार्यालय में क्रमश: 23 और 22 मार्च को उपस्थित होने को कहा है।
शिकायतकर्ता अल्ला बृहस्पतिवार को जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित हुए और अपना मामला प्रस्तुत किया। राजधानी अमरावती के मंगलागिरि से सत्तारूढ़ दल के विधायक ने आरोप लगाया है कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में दलितों से संबद्ध 500 एकड़ जमीन हड़प ली गई।