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Amrinder Singh: 75 साल में नेताओं को रिटायर करने वाली BJP को मिले 80 वर्ष के 'कैप्टन', मालवा बेल्ट पर फोकस

Mon, 19 Sep 2022 06:50 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Mon, 19 Sep 2022 06:50 PM IST
सार

Amrinder Singh: पंजाब विधानसभा की कुल 117 सीटों में से मालवा क्षेत्र में अकेले 69 सीटें आती हैं। कहा जाता है कि पंजाब का मुख्यमंत्री कौन होगा, यह मालवा क्षेत्र ही तय करता है। कैप्टन अमरिंदर सिंह की इसी क्षेत्र में पकड़ मजबूत मानी जाती है...

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amrinder singh joins bjp, merge punjab lok congress
अमित शाह से मिले अमरिंदर सिंह। - फोटो : ANI

विस्तार

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को भाजपा का दामन थाम लिया। उनकी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का भाजपा में विलय हो गया। उनके बेटे रनिंदर सिंह, बेटी जयइंदर कौर, सहयोगी नेता और कई पूर्व विधायकों-मंत्रियों ने भी भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर और किरेन रिजिजू की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ली। कैप्टन अमरिंदर सिंह के रूप में भाजपा को पंजाब में एक बड़ा सिख चेहरा मिल गया है। इससे पार्टी को पंजाब के मालवा क्षेत्र में मजबूत होने में मदद मिलेगी। बदले में भाजपा कैप्टन के बेटे-बेटियों को राजनीतिक मंच उपलब्ध कराने में मदद कर सकती है। लेकिन बड़ा प्रश्न है कि जो भाजपा 75 वर्ष से ऊपर के नेताओं को चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं देती, उसके लिए 80 साल के कैप्टन अमरिंदर सिंह कितने कारगर साबित होंगे? क्या इसके बाद भाजपा पंजाब में जमीनी पकड़ बनाने में सफल हो जाएगी?

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कैप्टन अमरिंदर सिंह की क्षमता पर सबसे ज्यादा सवाल 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद से लगाये जा रहे हैं। इसमें उनकी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस की करारी हार हुई। पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन में 28 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे केवल 0.5 फीसदी वोट मिले। उसका कोई उम्मीदवार जीत हासिल करने में सफल नहीं हुआ। यहां तक कि स्वयं कैप्टन अमरिंदर सिंह भी अपना चुनाव हार गए। लेकिन इस चुनाव परिणाम को राज्य में कांग्रेस की आपसी कलह और मतदाताओं में बदलाव की बही एक तरफा बयार का परिणाम माना जाता है।
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अमरिंदर सिंह की क्षमता पर प्रश्न उठाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि इसके पूर्व के विधानसभा चुनाव (2017) में वे कांग्रेस की ओर से एकमात्र चेहरा थे। उन्होंने इस चुनाव को अपना अंतिम चुनाव बताकर लड़ा और अपनी पार्टी को 2012 की तुलना में 31 सीटें ज्यादा यानी 77 सीटों पर सफलता दिलाई। इसमें उनकी चुनावी घोषणाएं, जनता के साथ उनके संपर्क और राष्ट्रवादी चेहरे की छाप काम आई। इस चुनाव परिणाम को कांग्रेस से ज्यादा कैप्टन अमरिंदर सिंह की चुनावी रणनीति का परिणाम माना गया।

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मालवा में मजबूत होगी भाजपा

पंजाब विधानसभा की कुल 117 सीटों में से मालवा क्षेत्र में अकेले 69 सीटें आती हैं। कहा जाता है कि पंजाब का मुख्यमंत्री कौन होगा, यह मालवा क्षेत्र ही तय करता है। कैप्टन अमरिंदर सिंह की इसी क्षेत्र में पकड़ मजबूत मानी जाती है। अपने राजनीतिक वारिसों के साथ वे इस क्षेत्र में भाजपा को मजबूत करने में सहयोग दे सकते हैं।

राष्ट्रवादी एंटी-खालिस्तान चेहरा

भाजपा की पूरी राजनीति राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के मुद्दे पर टिकी हुई है। पंजाब में भी वह राष्ट्रवाद के मुद्दे पर ही खेलती रही है, लेकिन उसकी राजनीति से पंजाबियत पूरी तरह गायब है। कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा को यही पंजाबियत की पगड़ी प्रदान कर सकते हैं। पंजाब में खालिस्तानी आंदोलन से पैदा हुआ दर्द अभी शांत नहीं हो सका है। सिख समुदाय सहित एक बड़ा वर्ग इससे स्वयं को पीड़ित महसूस करता है। कैप्टन अमरिंदर सिंह खालिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए जाने जाते रहे हैं, लिहाजा वे मतदाताओं को राष्ट्रवाद के साथ-साथ एंटी-खालिस्तानी खुराक प्रदान कर सकते हैं, जिससे भाजपा को इस सूबे में खड़े होने में मदद मिल सकती है।   

हिंदुओं के करीब

पंजाब में लगभग एक तिहाई वोट बैंक हिंदुओं का है। मजबूत राजनीतिक विकल्प की कमी के कारण यह वोट बैंक कांग्रेस और भाजपा सहित दूसरे दलों में बंटा हुआ है। लेकिन भाजपा का अनुमान है कि उसके मजबूत होने से यह वोट बैंक उसकी तरफ खिसक सकता है। चूंकि, कैप्टन अमरिंदर सिंह की हिंदू मतदाताओं के बीच भी अच्छी स्वीकार्यता बनी हुई है, वे इस वोट बैंक को साधने में पार्टी की मदद कर सकते हैं।

कैप्टन बड़ा चेहरा- भाजपा

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आरपी सिंह ने अमर उजाला से कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब की राजनीति के एक बड़े चेहरे हैं। उनके आने से पार्टी की लोकप्रियता मतदाताओं के बीच बढ़ाने में मदद मिलेगी। चूंकि, कैप्टन अमरिंदर सिंह राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं, शासन-प्रशासन के साथ-साथ वे पंजाब की जनता को भी बेहतर ढंग से समझते हैं, उनके नेतृत्व में भाजपा की चुनावी राजनीति ज्यादा बेहतर रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी और सफलता प्राप्त करेगी।

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