इसलिए अमेठी पहुंचे अमित शाह, योगी और स्मृति ईरानी
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कांग्रेस के किले अमेठी को भारतीय जनता पार्टी भेदना चाहती है। 2017 के विधानसभा चुनावों के परिणामों ने पार्टी के अमेठी पर कब्जा जमाने के सपने को और करीब ला दिया। 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में भले ही बीजेपी प्रत्याशियों को राहुल गांधी के खिलाफ यहां से हार का सामना करना पड़ा।
लेकिन 2014 में स्मृति ईरानी ने यहां से चुनाव लड़कर हार के अंतर को कम किया है। यूपी विधानसभा चुनावों में भाजपा ने अमेठी और रायबरेली की 10 में से 6 विधानसभा सीटें जीतकर कांग्रेस को हाशिए पर ले जाने के लिए पूरा जोर लगा दिया है।
अब पार्टी इलाके से कांग्रेस का सूपड़ा साफ करने की तैयारी कर रही है। यही वजह है कि अमित शाह, स्मति ईरानी और योगी आदित्यनाथ समेत कई अन्य नेता अमेठी पहुंचे हैं। पार्टी के नेताओं की ये हाईप्रोफाइल विजिट राहुल गांधी के अमेठी दौरे के तीन दिन बाद की है।
क्या है बीजेपी का अमेठी मिशन?
अमेठी पहुंचने पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर कई तंज कसे। शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने इटैलियन चश्मा लगा रखा है जिस वजह से उन्हें देश नजर नहीं आता। उन्होंने अमेठी का बंटाधार किया है।
वो गुजरात पर सवाल पूछते हैं, पहले वो ये बताएं कि अमेठी का विकास क्यों नहीं हुआ। इस दौरे में स्मृति ईरानी ने कहा कि मेरे और पार्टी अध्यक्ष समेत अन्य नेताओं के यहां आने के बाद अब अमेठी के लोग राहुल गांधी को ज्यादा देख पाएंगे।
पार्टी के सूत्र बताते हैं कि अमेठी में हाईप्रोफाइल विजिट और कई योजनाओं की घोषणाओं के जरिए BJP का लक्ष्य लोगों को ये संदेश देना है कि वो चौतरफा विकास में विश्वास रखते हैं। पार्टी सबका साथ सबका विकास के सिद्धान्त पर काम कर रही है।
इस हाईप्रोफाइल दौरे से एक दिन पहले ही जंग बहादुर सिंह के रूप में बीजेपी को एक खुशखबरी मिली जो कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। इससे इलाके में पार्टी का पक्ष और मजबूत होता दिख रहा है।