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क्या इतिहास का टर्निंग पॉइंट था 2014?: अमित शाह ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां; लॉन्च हुआ PM फैमिली ट्रैकर
Sun, 28 Jun 2026 08:42 PM IST
राकेश कुमार
आईएएनएस, गांधीनगर।
आईएएनएस, गांधीनगर।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 28 Jun 2026 08:42 PM IST
सार
क्या 2014 वाकई आधुनिक भारत को बदलने वाला साल था? गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, बिजली, पानी, मकान और नई तकनीक के दम पर पिछले 12 वर्षों में 70 करोड़ गरीबों का जीवन पूरी तरह बदल चुका है। अमित शाह ने और क्या-क्या कहा है? खबर में जानिए...
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अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
क्या आने वाले समय में इतिहास की किताबों में भारत को '2014 से पहले' और '2014 के बाद' के दौर में पढ़ाया जाएगा? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को ऐसा ही बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भविष्य के इतिहासकार आधुनिक भारत को दो हिस्सों में बांटेंगे। पहला हिस्सा 2014 से पहले का होगा। दूसरा हिस्सा 2014 के बाद का होगा। अमित शाह गांधीनगर में 'पीएम फैमिली केयर ट्रैकर' (पीएम-एफसीटी) और 'हेल्थ पासपोर्ट' के पायलट प्रोजेक्ट को लॉन्च कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2014 देश के इतिहास का एक निर्णायक साल था। जब भारत अपनी आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब यह बदलाव साफ दिखेगा।
क्या एक चुनाव पूरे देश की तकदीर बदल सकता है?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह सब जनता के लोकतांत्रिक फैसले से संभव हुआ। साल 2014 के आम चुनाव में देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना। इससे पहले वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद हर क्षेत्र में बुनियादी बदलाव किए गए।
क्या था 2014 से पहले की गरीबी का कड़वा सच?
अमित शाह ने अपने भाषण में पुरानी यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले उन्होंने पूर्वांचल यानी पूर्वी उत्तर प्रदेश का दौरा किया था। वहां उन्होंने भयानक गरीबी देखी थी। लोगों के पास रहने को पक्के मकान नहीं थे। जहां मकान नहीं थे, वहां बिजली भी नहीं थी। अनगिनत घरों में शौचालय तक नहीं थे। झोपड़ियों के भीतर पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी।
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उन्होंने दावा किया कि उस दौर में माताएं पारंपरिक चूल्हों पर खाना पकाती थीं। उनका पूरा जीवन धुएं में बीत जाता था। लोग अगले दिन के भोजन के इंतजाम के लिए 24 घंटे संघर्ष करते थे। इलाज के नाम पर उनके पास सिर्फ भगवान से प्रार्थना करने का ही सहारा था।
यह भी पढ़ें: सऊदी के रास तनुरा में भीषण हादसा: अरामको का हेलिकॉप्टर क्रैश, सभी 14 यात्रियों की दर्दनाक मौत; जांच शुरू
अमित शाह के सात बड़े दावे
गृह मंत्री ने दावा किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश के 70 करोड़ गरीबों का जीवन स्तर सुधरा है। यह देश का सबसे बड़ा गरीबी उन्मूलन अभियान है।
क्या है पीएम फैमिली केयर ट्रैकर और कैसे करेगा काम?
गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र से शुरू हुआ यह पायलट प्रोजेक्ट कल्याणकारी योजनाओं का नया चेहरा है। यह तकनीक पर आधारित एक आधुनिक मॉडल है। यह सिस्टम स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और कल्याण से जुड़े डेटाबेस को आपस में जोड़ता है। यह गर्भावस्था से लेकर बच्चे के बड़े होने तक हर लाभार्थी की निगरानी करेगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।
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क्या एक चुनाव पूरे देश की तकदीर बदल सकता है?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह सब जनता के लोकतांत्रिक फैसले से संभव हुआ। साल 2014 के आम चुनाव में देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना। इससे पहले वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद हर क्षेत्र में बुनियादी बदलाव किए गए।
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क्या था 2014 से पहले की गरीबी का कड़वा सच?
अमित शाह ने अपने भाषण में पुरानी यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले उन्होंने पूर्वांचल यानी पूर्वी उत्तर प्रदेश का दौरा किया था। वहां उन्होंने भयानक गरीबी देखी थी। लोगों के पास रहने को पक्के मकान नहीं थे। जहां मकान नहीं थे, वहां बिजली भी नहीं थी। अनगिनत घरों में शौचालय तक नहीं थे। झोपड़ियों के भीतर पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी।
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उन्होंने दावा किया कि उस दौर में माताएं पारंपरिक चूल्हों पर खाना पकाती थीं। उनका पूरा जीवन धुएं में बीत जाता था। लोग अगले दिन के भोजन के इंतजाम के लिए 24 घंटे संघर्ष करते थे। इलाज के नाम पर उनके पास सिर्फ भगवान से प्रार्थना करने का ही सहारा था।
यह भी पढ़ें: सऊदी के रास तनुरा में भीषण हादसा: अरामको का हेलिकॉप्टर क्रैश, सभी 14 यात्रियों की दर्दनाक मौत; जांच शुरू
अमित शाह के सात बड़े दावे
गृह मंत्री ने दावा किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश के 70 करोड़ गरीबों का जीवन स्तर सुधरा है। यह देश का सबसे बड़ा गरीबी उन्मूलन अभियान है।
- देश में तीन करोड़ घर बनकर तैयार हो चुके हैं। एक करोड़ और मकानों का निर्माण जारी है।
- करोड़ों गरीब घरों तक पहली बार बिजली और नल का पानी पहुंचा है।
- हर घर में शौचालय बनाकर महिलाओं को सम्मान दिया गया है।
- माताओं को धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर दिए गए।
- हर गरीब नागरिक को हर महीने पांच किलोग्राम मुफ्त अनाज मिल रहा है।
- आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है।
- कई लाभार्थियों ने बताया कि पांच पीढ़ियों में पहली बार वे बुनियादी सुविधाओं वाले घर में रह रहे हैं।
क्या है पीएम फैमिली केयर ट्रैकर और कैसे करेगा काम?
गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र से शुरू हुआ यह पायलट प्रोजेक्ट कल्याणकारी योजनाओं का नया चेहरा है। यह तकनीक पर आधारित एक आधुनिक मॉडल है। यह सिस्टम स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और कल्याण से जुड़े डेटाबेस को आपस में जोड़ता है। यह गर्भावस्था से लेकर बच्चे के बड़े होने तक हर लाभार्थी की निगरानी करेगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।