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UN: वीडियो संदेश में शाह बोले- सहकारिता बनी भारत की नई ताकत, डिजिटल-स्वास्थ्य-रोजगार में निभा रही अहम भूमिका

Tue, 29 Jul 2025 02:38 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 29 Jul 2025 02:38 PM IST
सार

अमित शाह ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वीडियो संदेश के माध्यम से सहकारिता को भारत की नई ताकत बनाया। उन्होंने कहा कि भारत में सहकारिता अब कृषि तक सीमित नहीं रही, बल्कि डिजिटल सेवाओं, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में नवाचार और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी है। 

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Amit Shah called cooperation as the new strength of India through a video message at the United Nations
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वीडियो संदेश के माध्यम से सहकारिता को भारत की नई ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत में सहकारी समितियां अब सिर्फ पारंपरिक क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि डिजिटल सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, जैविक कृषि और वित्तीय समावेशन जैसे नए क्षेत्रों में ‘नवाचार’ और आत्मनिर्भरता का माध्यम भी बन गई हैं। बता दें कि अमित शाह ने यह बात संयुक्त राष्ट्र में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वीडियो संदेश के जरिए कही। कार्यक्रम का विषय था सहकारिता और सतत विकास। 

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समुदाय से ग्लोबल तक कोऑपरेशन की ताकत
वीडियो संदेश में शाह ने कहा कि भारत में 2025 तक 8.4 लाख से अधिक सहकारी समितियों से जुड़े 32 करोड़ सदस्य सक्रिय हैं। समितियों ने किसानों को सीधे वैश्विक बाजारों से जोड़ा है, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात लाभ देती हैं, जिससे उत्पादक स्थानीय से ग्लोबल स्तर तक पहुंच रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि डिजिटल नवाचार जैसे एआई, एम-स्ट्राइप्स आदि ने सहकारी समितियों को और समावेशी बनाया है। त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय सहकारी नीति 2025–45 जैसे कदम इस आंदोलन को पारदर्शी, उत्तरदायी और भविष्य‑उन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। शाह ने कहा कि भारत में सहकारिता सेवा, रोजगार और नवाचार का आधार बन रही है और यही मॉडल समावेशी विकास को वैश्विक पहचान दिला रहा है।


भारतीय मॉडल की मिसाल
अमित शाह ने यह भी कहा कि भारत की दुनिया की सबसे बड़ी अनाज संग्रहन योजना भी सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित की जा रही है। यह योजना न सिर्फ खाद्य सुरक्षा को मजबूत करती है, बल्कि किसानों को बेहतर मूल्य और संगठित बाजार भी उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही समावेशी विकास का संदेश देते हुए शाह ने कहा कि सहयोग का मॉडल सेवा, आत्मनिर्भरता, रोजगार और नवाचार की मजबूत नींव रखता है, जिससे हर भारतीय विकास में भागीदार और लाभार्थी दोनों बन रहा है।

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भारत का सहकारिता मॉडल – वैश्विक विकास की मिसाल
वहीं कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथनेनी हरीश ने बताया कि भारत सरकार ने एआई जैसी तकनीकों को सहकारिता में लाकर इस क्षेत्र को और भी प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। साथ ही NAFED के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल ने भी भारतीय सहकारी मॉडल पर प्रस्तुति दी और बताया कि साझेदारी और भागीदारी की भावना ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है ।

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