{"_id":"5addad024f1c1b60098b6149","slug":"amit-shah-asked-congress-party-and-rahul-gandhi-its-saving-the-constitution-or-saving-dynasty","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राहुल गांधी पर बरसे अमित शाह, पात्रा ने कहा- यह सत्ता और वंशवाद की लड़ाई ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
राहुल गांधी पर बरसे अमित शाह, पात्रा ने कहा- यह सत्ता और वंशवाद की लड़ाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 23 Apr 2018 03:46 PM IST
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इनदिनों भारतीय राजनीति में पलटवार का दौर चल रहा है। कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने संविधान बचाओ अभियान की शुरुआत करते हुए जहां बीजेपी और मोदी सरकार पर हमला करते हुए दलित विरोधी पार्टी कहा, वहीं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी संविधान बचा रहे हैं या साम्राज्य। अमित शाह ने अपने फेसबुक पेज पर कांग्रेस पार्टी को समाज को बांटनेवाली पार्टी बताया है।
उन्होंने लिखा कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ समाज में विभाजन और नफरत फैलाने वाली पार्टी है। राहुल गांधी और उनकी पार्टी जल्द से जल्द अपनी पार्टी की नौटंकी और गुस्से के दिखावे को बंद करे। उन्होंने कांग्रसे पर आरोप लगाते हुए कहा, कांग्रेस लोकतंत्र का शासन नहीं चाहती, बल्कि वंशवाद का शासन चाहती है। इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आंदोलन का मजाक बना रहे हैं।
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वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने देश को संविधान दिया ये बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान है। राहुल पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति खुद 15 पंक्ति बोल और लिख नहीं सकता वो आज कह रहा है कि संसद में 15 मिनट बोलने नहीं दिया जा रहा है। मैं कहना चाहता हूं कि जो व्यक्ति बिना मोबाइल में देखे एक मिनट नहीं बोल सकता वह 15 मिनट क्या बोलेगा।
संबित ने कहा कि राहुल गांधी के भाषण में फ्रस्ट्रेशन था, बौखलाहट थी। उन्होंने कहा कि यह एक दिन की लड़ाई नहीं सदियों से चली आ रही लड़ाई है। यह सत्ता और वंशवाद की लड़ाई है।
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उन्होंने लिखा कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ समाज में विभाजन और नफरत फैलाने वाली पार्टी है। राहुल गांधी और उनकी पार्टी जल्द से जल्द अपनी पार्टी की नौटंकी और गुस्से के दिखावे को बंद करे। उन्होंने कांग्रसे पर आरोप लगाते हुए कहा, कांग्रेस लोकतंत्र का शासन नहीं चाहती, बल्कि वंशवाद का शासन चाहती है। इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आंदोलन का मजाक बना रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का संविधान बचाओ अभियान न केवल हास्यपूर्ण है बल्कि विडंबनापूर्ण भी है। आजादी के बाद अगर किसी पार्टी ने संविधान को कुचला है तो वह है कांग्रेस पार्टी और एकबार फिर वह ऐसा करने जा रही है।
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वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने देश को संविधान दिया ये बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान है। राहुल पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति खुद 15 पंक्ति बोल और लिख नहीं सकता वो आज कह रहा है कि संसद में 15 मिनट बोलने नहीं दिया जा रहा है। मैं कहना चाहता हूं कि जो व्यक्ति बिना मोबाइल में देखे एक मिनट नहीं बोल सकता वह 15 मिनट क्या बोलेगा।
संबित ने कहा कि राहुल गांधी के भाषण में फ्रस्ट्रेशन था, बौखलाहट थी। उन्होंने कहा कि यह एक दिन की लड़ाई नहीं सदियों से चली आ रही लड़ाई है। यह सत्ता और वंशवाद की लड़ाई है।
कांग्रेस पार्टी पर गुस्से के पीछे राहुल गांधी की संविधान बचाओ रैली है
बता दें कि अमित शाह के राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर गुस्से के पीछे राहुल गांधी की संविधान बचाओ रैली है। राहुल ने आज रैली को संबोधित करते हुए मोदी सरकार और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम और भाजपा दलितों के अत्याचार पर चुप है। दलितों के ऊपर अत्याचार बढ़ता जा रहा है। पूणे, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र जहां भी आप देखो दलितों के खिलाफ हिंसा बढ़ती जा रही है। उन्हें मारा और कुचला जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच दलित विरोधी है। गरीब, दलित और महिलाओं को सुरक्षित करने वाला संविधान आज खुद खतरे में है। राहुल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं को दबाया जा रहा है। पीएम मोदी के दिल में दलितों के लिए जगह नहीं है।
दलितों के खिलाफ अत्याचारों पर मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए राहुल ने कहा कि दलितों के मुद्दे पर मोदी चुप हैं। हमें 15 मिनट संसद में बोलने का मौका दें, पीएम मोदी कहीं टिक नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार सरकार संसद नहीं चलने दे रही है जबकि अमूमन विपक्ष संसद नहीं चलने देती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच दलित विरोधी है। गरीब, दलित और महिलाओं को सुरक्षित करने वाला संविधान आज खुद खतरे में है। राहुल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं को दबाया जा रहा है। पीएम मोदी के दिल में दलितों के लिए जगह नहीं है।
दलितों के खिलाफ अत्याचारों पर मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए राहुल ने कहा कि दलितों के मुद्दे पर मोदी चुप हैं। हमें 15 मिनट संसद में बोलने का मौका दें, पीएम मोदी कहीं टिक नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार सरकार संसद नहीं चलने दे रही है जबकि अमूमन विपक्ष संसद नहीं चलने देती है।