फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Amid tension with China Indian forces acquiring Pralay missile

'Pralay' Missile: दुश्मन को तबाह करने सेना खरीद रही 'प्रलय' मिसाइल, 'रॉकेट फोर्स' के गठन पर भी विचार

Tue, 20 Dec 2022 02:49 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 20 Dec 2022 02:49 PM IST
सार

रॉकेट फोर्स के गठन का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय में विचाराधीन है। हाल ही में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरिकुमार ने कहा था कि दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन कुमार सीमा पर दुश्मनों का मुकाबला करने के लिए रॉकेट फोर्स के गठन पर विचार कर रहे थे। 

विज्ञापन
Amid tension with China Indian forces acquiring Pralay missile
प्रलय मिसाइल - फोटो : Twitter

विस्तार

भारतीय सेना चीन के साथ जारी तनाव के बीच बैलेस्टिक मिसाइल 'प्रलय' खरीदने पर विचार कर रही है। जैसा कि प्रलय नाम से ही स्पष्ट है, यह 150 से 500 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के ठिकानों का पूरी तरह सफाया कर देगी। 

विज्ञापन


भारतीय सेना द्वारा डीआरडीओ से 'प्रलय' खरीदी का प्रस्ताव अग्रिम चरण में है। इस सप्ताह होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में इस पर फैसला होने की उम्मीद है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि यह प्रस्ताव इसलिए भी अहम है, क्योंकि यह ऐसे वक्त आया है, जब भारतीय सेना एक 'रॉकेट फोर्स' बनाने पर विचार कर रही है। 
विज्ञापन


रॉकेट फोर्स के गठन का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय में विचाराधीन है। हाल ही में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरिकुमार ने कहा था कि दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन कुमार सीमा पर दुश्मनों का मुकाबला करने के लिए रॉकेट फोर्स के गठन पर विचार कर रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रलय मिसाइल का पिछले साल दिसंबर में लगातार दो दिनों में दो बार सफल परीक्षण किया गया था। तब से सेना इसके अधिग्रहण और शामिल करने की दिशा में काम कर रही है। 150 से 500 किमी की सीमा के साथ, 'प्रलय' रॉकेट मोटर और अन्य नई तकनीकों से संचालित है।

यह गाइडेड मिसाइल है। इसमें अत्याधुनिक नेविगेशन और एकीकृत एविएशन प्रणाली शामिल है। सूत्रों ने बताया कि प्रलय सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है। इसे इंटरसेप्टर मिसाइलों को ध्वस्त करने में सक्षम बनाया गया है। इसमें हवा में निश्चित दूरी तय करने के बाद अपना रास्ता बदलने की क्षमता भी है। ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के साथ प्रलय मिसाइलें सेना में सबसे लंबी दूरी की सामरिक हथियार प्रणाली होंगी। इसे लंबी दूरी के सामरिक हथियारों को नियंत्रित करने वाली रणनीतिक बलों की कमान संचालित करती है। 

डीआरडीओ ने किया है तैयार
'प्रलय' का विकास रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) ने किया है। यह ठोस-ईंधन, युद्धक मिसाइल भारतीय बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम 'पृथ्वी रक्षा वाहन' पर आधारित है। इस मिसाइल की पेलोड क्षमता 500-1,000 किलोग्राम है। 


चीनी मिसाइल को टक्कर देने में सक्षम
सूत्रों के अनुसार इस मिसाइल के बारे में डीआरडीओ द्वारा साल 2015 में चर्चा की गई थी। डीआरडीओ ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया था कि यह बैलिस्टिक मिसाइल चीन की बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना करने में पूरी तरह सक्षम है। इस मिसाइल की खासियत ये है कि इसे जमीन के साथ-साथ हवा से भी दागा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed