फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   American Roosevelt wrote a letter to British Prime Minister Churchill for India's independence

I-Day: जब एक अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत की आजादी के लिए ब्रिटेन पर बनाया था दबाव, जानें कब-क्यों उठाई थी आवाज

Fri, 15 Aug 2025 01:02 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Fri, 15 Aug 2025 01:02 AM IST
सार

भारत 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। मौजूदा समय में भारत और अमेरिका के रिश्ते में अनबन चल रही है। लेकिन एक ऐसा समय भी था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री  चर्चिल के सामने भारत को आजाद करने की बात कही थी। 

विज्ञापन
American Roosevelt wrote a letter to British Prime Minister Churchill for India's independence
फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट और विंस्टन चर्चिल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत आज 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। भारत को 15 अगस्त 1947 में अंग्रेज शासन से आजादी मिली थी। देश ने आजादी के लिए 1857 के क्रांंति के साथ कई आंदोलन देखे। मौजूदा समय में व्यापार और टैरिफ के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के रिश्तों में खटास देखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ को बढ़ाकर 50 फीसदी तक करने की बात कही है। इसे लेकर भारत की तरफ से विरोध भी दर्ज कराया गया है। कुछ विश्लेषकों ने तो इसे भारत-अमेरिका के रिश्तों का सबसे बुरा दौर तक करार दिया है। हालांकि, हमेशा से ऐसा नहीं था। एक समय ऐसा भी था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल पर कई बार भारत की आजादी के लिए दबाव बनाया था।

विज्ञापन

अटलांटिक चार्टर से हुई शुरूआत
1941 में दुनिया दूसरे विश्व युद्ध के दौर देख रही थी। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री चर्चिल ने अटलांटिक चार्टर पर हस्ताक्षर किए। अटलांटिक चार्टर का उद्देश्य था कि द्वितीय विश्व युद्ध जब खत्म होगा, तब विश्व में शांति बहाल करने के लिए सभी देश साथ आएंगे। इसके साथ ही उपनिवेश बनाए गए देशों को आजाद कर स्वतंत्र सरकार की स्थापना की जाएगी। इसके बाद से भारत अटलांटिक चार्टर के तहत अपनी आजादी की मांग करने लगा। वहीं, चर्चिल भारत की आजादी के पक्ष में नहीं थे। उनका कहना था कि अटलांटिक चार्टर सिर्फ यूरोपियन देशों में लागू होगा। अटलांटिक चार्टर के शर्त  ब्रिटिश साम्राज्य पर लागू नहीं होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पत्र लिख कर भारत की आजादी की बात कही
कुछ वर्ष पहले अमेरिका के 32वें राष्ट्रपति रहे फ्रैंकलिन डी. रुजवेल्ट पर आधारित न्यूयॉर्क के हाइड पार्क में स्थित लाइब्रेरी में रुजवेल्ट और चर्चिल के 1939 से 1945 के बीच के ऐसे पत्रों को इतिहासकारों के लिए खोला गया, जिन्हें पहले गुप्त रखा गया था। इस कलेक्शन में से एक 25 फरवरी 1942 की चिट्ठी खासा गौर करने वाली है। राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने चर्चिल को इस पत्र में कहा था कि अब भारत को स्वतंत्रता देने पर विचार करना चाहिए। इस चिट्ठी की सामग्री को अपने निजी विचार बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, "भारत की स्वतंत्रता इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि अगर जापान युद्ध के दौरान हमला करे तो भारत, ब्रिटेन के साथ मिलकर पूरी ताकत से उसका सामना करे।"

हालांकि, इस पत्र के ऊपर लिखा था 'नॉट सेंट' यानी भेजा नहीं गया। ऐसे में चर्चिल को यह पत्र मिला या नहीं इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। लेकिन चर्चिल ने अपने संस्मरणों में संकेत दिया है कि उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति के विचारों का सार कम से कम पता था। चर्चिल ने खुद एक चिट्ठी में कहा था कि फरवरी 1942 के अंत में, उन्होंने एवरेल हैरिमन को निर्देश दिया कि वे ब्रिटिश और भारतीय राजनीतिक नेताओं के बीच समझौते की संभावनाओं के बारे में बताएं। बहरहाल, चर्चिल ने इस विचार को यह कहते हुए खारिज कर दिया, “स्वाभाविक रूप से हम भारत को जापान आक्रमण से पहले अराजकता की स्थिति में नहीं डालना चाहते।”

विज्ञापन

कैसाब्लांका सम्मेलन में भी भारत की आजादी की चर्चा

अटलांटिक चार्टर के दो साल बाद यानी 1943 में दोनों नेता कैसाब्लांका सम्मेलन में शामिल हुए। रूजवेल्ट के बेटे एलियॉट रूजवेल्ट ने इससे जुड़ा एक घटनाक्रम याद करते हुए अपने संस्मरण में बताया कि इस समय में रूजवेल्ट और चर्चिल के बीच भारत की आजादी को लेकर फिर बातचीत हुई। रूजवेल्ट ने चर्चिल से कहा, “औपनिवेशिक व्यवस्था का मतलब युद्ध है। भारत, बर्मा, जावा जैसे देशों के संसाधनों सारी संपत्ति ले लो। लेकिन इन देशों को वापस कुछ मत दो। जैसे शिक्षा, सभ्य जीवन स्तर, न्यूनतम स्वास्थ्य आवश्यकताएं। तुम बस उस तरह की मुसीबतें जमा कर रहे हो जो युद्ध की ओर ले जाती हैं। 

इसके बाद रूजवेल्ट ने भारत की आजादी की पैरोकारी करते हुए कहा कि भारत को अब तुरंत एक राष्ट्रमंडल बना देना चाहिए। कुछ वर्षों के बाद शायद पांच या दस साल बाद भारत को यह चुनने का अधिकार मिल जाएगा कि वह साम्राज्य में रहना चाहता है या पूरी आजादी चाहता है।

"एक राष्ट्रमंडल के रूप में, उसे एक आधुनिक शासन-व्यवस्था, पर्याप्त स्वास्थ्य और शिक्षा का स्तर प्राप्त होगा। लेकिन अभी जब ब्रिटेन हर साल उसके राष्ट्रीय संसाधनों की सारी दौलत उससे छीन रहा है, तो उसे ये सब कैसे मिल सकता है? हर साल भारतीय लोगों को एक ही चीज का इंतजार रहता है, जैसे मौत और टैक्स। निश्चित रूप से, उनके यहां अकाल पड़ता है। वे इसे अकाल का मौसम कहते हैं।"

नेहरू ने भी रूजवेल्ट को लिखा था पत्र
द्वितीय विश्व युद्ध शुरू होने से पहले भारत की कोशिश की थी कि अगर ब्रिटेन को युद्ध में भारतीय सैनिकों की मदद लेगा, तो इसके बदले में उसे भारत को आजादी देनी होगी। इसकी वजह से ही अमेरिकी मदद पाने की उम्मीद में जवाहरलाल नेहरू ने अमेरिका के राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने भारत की आजादी की इच्छा जताई और उनसे समर्थन मांगा। नेहरू ने आश्वासन दिया कि भारतीय, जापान के खतरे के बावजूद, पूरी कोशिश करेंगे कि उनके सामने झुकें नहीं।

रूजवेल्ट ने इस सिलसिले में चर्चिल को समझाने की कोशिश की। इसके साथ ही इतिहास के बदलते हालात को देखते हुए भारत को आजादी देने की बात कही। लेकिन चर्चिल ने उनकी बात नहीं मानी। इसपर चर्चिल ने कहा  "ब्रिटेन का प्रधानमंत्री इसलिए नहीं बना हूं कि ब्रिटिश साम्राज्य खत्म होते देखूं।"

मौजूदा समय में भारत और अमेरिका के रिश्ते 
मौजूदा समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लगाने की बात कही है। ट्रंप ने पूरे एशिया में सबसे ज्यादा टैरिफ भारत के ऊपर ही लगाया है। ट्रंप का कहना है कि भारत रूस से तेल खरीद कर रूस- यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद कर रहा है। इसके कारण से भारत पर ट्रंप ने 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का एलान किया है। यह टैरिफ 27 अगस्त से लागू होगा।  ट्रंप के इस फैसले से भारत से अमेरिका निर्यात किए जाने वाले अधिकतर उत्पादों का वहां महंगा होना तय है। माना जा रहा है कि इससे भारतीय निर्यातकों को झटका लग सकता है, क्योंकि अमेरिका भारतीय उत्पादों का बड़ा खरीदार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed