{"_id":"5cb5e6b5bdec220c2c2a2946","slug":"american-advisory-on-pakistan-fears-terror-attacks","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ना-पाक की खुली पोल, अमेरिका ने पाकिस्तान न जाने की सलाह दी, जताया आतंकी हमलों का अंदेशा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ना-पाक की खुली पोल, अमेरिका ने पाकिस्तान न जाने की सलाह दी, जताया आतंकी हमलों का अंदेशा
Tue, 16 Apr 2019 07:59 PM IST
अमर शर्मा
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 16 Apr 2019 07:59 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक बार फिर पाकिस्तान के उस दावे की पोल खुल गई है कि वह आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दे रहा और हमने आतंकवाद पर काफी हद तक नकेल कसी है। अमेरिका ने एक दिन पहले अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे पाकिस्तान की अपनी यात्रा पर पुनर्विचार करें। वहां आतंकी हमलों का अंदेशा है। बलूचिस्तान, केपीके प्रांत, पीओके और भारत-पाकिस्तान सीमा के आसपास वाले इलाकों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रखा गया है।
पुलवामा हमला और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की ओर से लगातार यह कहा जा रहा था कि वह आतंकी संगठनों पर कार्रवाई कर रहा है। हालांकि यूएन की सुरक्षा परिषद में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने वाले प्रस्ताव को पाकिस्तान ने चीन की मदद से गिरा दिया था।
इसके बाद भारत ने कई मौकों पर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह आतंकवाद पर लगाम लगाए तो वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान का रट रटाया जवाब आ जाता है। हम आतंकवाद को लेकर चिंतित हैं। भारत में हो रहे आतंकी हमलों में पाकिस्तान का हाथ नहीं है। यह अलग बात है कि इससे पहले भी भारत कई बार पाकिस्तान को आतंकी हमलों के पुख्ता सबूत दे चुका है।
विज्ञापन
अब अमेरिका ने अपने नागरिकों को आतंकवाद के कारण पाकिस्तान की यात्रा पर पुनर्विचार करने की सलाह दे दी है। अमेरिकी प्रशासन की एडवायजरी में कहा गया है कि बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में यात्रा न करें।आतंकवादी हमलों के कारण ये इलाके सबसे खतरनाक क्षेत्रों के रूप में पहचाने जाते हैं।
परिवहन के साधनों, बाजार, शॉपिंग मॉल, सैन्य प्रतिष्ठान, हवाई अड्डे, विश्वविद्यालय, पर्यटन स्थल, स्कूल, अस्पताल और धार्मिक स्थान आतंकियों की हिट लिस्ट में हैं। इसके अलावा आतंकवादियों ने अतीत में अमेरिकी राजनयिकों को भी निशाना बनाने का प्रयास किया था। ऐसी जानकारी मिल रही है कि आतंकवादी अब दोबारा से वैसा ही हमला करने की फिराक में हैं।
विज्ञापन
पुलवामा हमला और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की ओर से लगातार यह कहा जा रहा था कि वह आतंकी संगठनों पर कार्रवाई कर रहा है। हालांकि यूएन की सुरक्षा परिषद में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने वाले प्रस्ताव को पाकिस्तान ने चीन की मदद से गिरा दिया था।
विज्ञापन
इसके बाद भारत ने कई मौकों पर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह आतंकवाद पर लगाम लगाए तो वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान का रट रटाया जवाब आ जाता है। हम आतंकवाद को लेकर चिंतित हैं। भारत में हो रहे आतंकी हमलों में पाकिस्तान का हाथ नहीं है। यह अलग बात है कि इससे पहले भी भारत कई बार पाकिस्तान को आतंकी हमलों के पुख्ता सबूत दे चुका है।
विज्ञापन
अब अमेरिका ने अपने नागरिकों को आतंकवाद के कारण पाकिस्तान की यात्रा पर पुनर्विचार करने की सलाह दे दी है। अमेरिकी प्रशासन की एडवायजरी में कहा गया है कि बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में यात्रा न करें।आतंकवादी हमलों के कारण ये इलाके सबसे खतरनाक क्षेत्रों के रूप में पहचाने जाते हैं।
संभावित हमलों की जताई आशंका
फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने इस बाबत एयरमेन (एनओटीएएम) और विशेष फेडरल एविएशन रेगुलेशन को एक नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि आतंकवादी समूह पाकिस्तान में संभावित हमलों की साजिश रच रहे हैं। आतंकवादी बिना किसी चेतावनी के नागरिक ठिकानों पर हमला कर सकते हैं।परिवहन के साधनों, बाजार, शॉपिंग मॉल, सैन्य प्रतिष्ठान, हवाई अड्डे, विश्वविद्यालय, पर्यटन स्थल, स्कूल, अस्पताल और धार्मिक स्थान आतंकियों की हिट लिस्ट में हैं। इसके अलावा आतंकवादियों ने अतीत में अमेरिकी राजनयिकों को भी निशाना बनाने का प्रयास किया था। ऐसी जानकारी मिल रही है कि आतंकवादी अब दोबारा से वैसा ही हमला करने की फिराक में हैं।
भारत-पाक के बीच सशस्त्र संघर्ष का खतरा बना हुआ है
पीओके में आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप चलते हैं। यह बात पहले ही साबित हो चुकी है। अमेरिकन प्रशासन का मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्ष का खतरा अभी बना हुआ है। भारतीय और पाकिस्तानी सेना के बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारी गोलीबारी हो चुकी है।
अब भारत और पाकिस्तान, सीमा के दोनों ओर एक मजबूत सैन्य उपस्थिति बनाए रखते हैं। अमेरिका की इस रिपोर्ट के बाद भारत ने जम्मू कश्मीर सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों को चौकस कर दिया है। कुछ इलाके, जहां घुसपैठ की संभावना बनी रहती है, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
अब भारत और पाकिस्तान, सीमा के दोनों ओर एक मजबूत सैन्य उपस्थिति बनाए रखते हैं। अमेरिका की इस रिपोर्ट के बाद भारत ने जम्मू कश्मीर सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों को चौकस कर दिया है। कुछ इलाके, जहां घुसपैठ की संभावना बनी रहती है, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।