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US-India Relations: 'भारत के साथ अपना भविष्य देखता है अमेरिका', दोनों देशों के संबंधों पर बोले अमेरिकी राजदूत
Mon, 13 Jan 2025 09:48 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 13 Jan 2025 09:48 PM IST
सार
US-India Relations: अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि भारत और अमेरिका में बहुत से लोग अच्छे संबंध बनाने में भरोसा रखते हैं और दोनों देशों की अधिकांश जनता चाहती है कि यह संबंध और मजबूत हों।
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एरिक गार्सेटी
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने अमेरिका और भारत के मजबूत संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ अपने भविष्य को देखता है और भारत अमेरिका के साथ अपने भविष्य को देखता है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों देश जब एक साथ होते हैं तो बेहतर होते हैं।
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गार्सेटी ने लोगों के आपसी संबंधों प्रकाश डाला और कहा कि अमेरिका और भारत के लोगों के आपस में जितने संपर्क होंगे, उतने ही अधिक अवसर आर्थिक और शैक्षिक आदान-प्रदान के लिए मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे अमेरिका और भारत के बीच संबंध बढ़ेंगे, वैसे-वैसे दोनों देशों में आर्थिक और शैक्षिक प्रगति होगी।
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उन्होंने कहा, हम नहीं जानते कि भविष्य में क्या होगा। लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि जितने मजबूत संबंध हम भारतीयों से बनाएंगे, उतने ही अधिक आर्थिक और शैक्षिक आदान-प्रदान के अवसर मिलेंगे। गार्सेटी ने यह भी कहा कि लोकतंत्र को चलाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लेकिन फिर भी यह सबसे अच्छी प्रणाली है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका विविधता से भरे लोकतंत्र हैं और इस तरह के लोकतंत्र में हर कोई एक-दूसरे से पूरी तरह से सहमत नहीं होता। लेकिन यह जीवन को और भी रोमांचक बनाता है।
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उन्होंने कहा, आइए हम अपने आलोचकों को हमेशा की तरह गलत साबित करें। हम विरोध करने के बजाय मिलकर काम करें। ट्वीट करने के बजाय निवेश करें, आपत्ति करने के बजाय एक-दूसरे से जुड़ें और लोगों को एक साथ लाने की कोशिश करें। इस समय कुछ लोग हमें बांटने की कोशिश करेंगे, लेकिन हमें यह समझना चाहिए कि सबसे ज्यादा शोर करने वाली या क्लिक होने वाली बातें हमेशा सही नहीं होतीं। हमें यह पता है कि भारत और अमेरिका में बहुत से लोग अच्छे संबंध बनाने में भरोसा रखते हैं और दोनों देशों की अधिकांश जनता चाहती है कि यह संबंध और मजबूत हों।
राजदूत ने वीजा के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने वीजा जारी करने की संख्या 60 फीसदी बढ़ा दी है और वीजा के लिए इंतजार करने का समय भी खत्म कर दिया है। गार्सेटी ने भारत में अमेरिकी दूतावास के काम की सराहना की, जिने वीजा प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया है और सेवा में सुधार के लिए आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस (एआई) का भी उपयोग किया है।
भारत में अमेरिकी मिशन के काम को लेकर गार्सेटी ने कहा, हमारी टीम कोलकाता से मुंबई, हैदराबाद से चेन्नई और यहां दिल्ली सहित देशभर के केंद्रों में वीजा प्रक्रिया के शुरुआती कामों को करती है। हमने वीजा प्रक्रिया को तेज करने का काम किय है, ताकि इस बढ़ी हुई मांग को पूरा किया जा सके। जबसे मैं राजदूत बना हूं। हमने 60 फीसदी अधिक वीजा जारी किए हैं और अधिकांश प्रकार वीजा के लिए प्रतीक्षा समय को समाप्त कर दिया है। पहली बार वीजा लेने वाले पर्यटकों के लिए प्रतीक्षा समय 75 फीसदी घटा है। हालांकि अभी और सुधार की जरूरत हैं। लेकिन यह एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने आगे कहा, हमने कांसुलर अधिकारियों के रूप में एक रिकॉर्ड संख्या में नए कर्मचारियों को नियुक्त किया है। हमने नई तकनीकों का इस्तेमाल किया है। एआई का भी इस्तेमाल किया है। नतीजतन, लगातार दूसरे वर्ष हमने दस लाख से अधिक गैर-आव्रजन वीजा जारी किए, जिसमें रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक वीजा शामिल हैं। वर्तमान में पचास लाख से अधिक भारतीयों के पास अमेरिका का वीजा है।