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अमर उजाला पोल: पाठकों की राय, जयललिता की मृत्यु के पीछे हो सकता है कोई षड्यंत्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 23 Mar 2018 07:35 PM IST
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तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता (अम्मा) की मौत पर एक नई जानकारी सामने आई है। अपोलो अस्पताल के चेयरमेन डॉक्टर प्रताप सी रेड्डी के मुताबिक, जयललिता के 75 दिनों के इलाज के दौरान अस्पताल के कैमरों को बंद कर दिया गया था। साथ ही जयललिता के लिए 24 बेड का पूरा आईसीयू डिपार्टमेंट बुक किया गया था और वह उसमें अकेली मरीज थीं।
अपोलो इंटरनेशनल कोलोरेक्टल सिम्पोसियम सम्मेलन 2018 की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रेड्डी ने संवाददाताओं से यह जानकारी दी। यह पूछे जाने पर की क्या सीसीटीवी फुटेज भी सौंप दी गई हैं? इस पर उन्होंने कहा कि 'जिस दिन वह अस्पताल में भर्ती हुई उसी दौरान सभी कैमरों को बंद करवा दिया गया था। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि वह नहीं चाहती थीं कि उनके इलाज से जुड़ी फुटेज कैमरे में कैद ना हो। साथ ही आईसीयू में आना-जाना भी प्रतिबंधित कर दिया गया था। उस आईसीयू में मौजूद अन्य मरीजों की दूसरी जगह व्यवस्था कर दी गई थी।'
गौरतलब है कि 22 सितंबर 2016 को जयललिता के अस्पताल में भर्ती होने से 5 दिसंबर 2016 को अंतिम सांस लेने तक के मामले की जांच की जा रही है। जांच आयोग इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर जयललिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या जयललिता की मृत्यु के पीछे कोई षड्यंत्र हो सकता है?'
सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 2459 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 74.54 फीसदी (1833 वोट) ने माना कि जयललिता की मृत्यु के पीछे कोई षड्यंत्र हो सकता है।
जबकि 25.46 फीसदी (626) पाठकों ने माना कि जयललिता की मृत्यु के पीछे कोई षड्यंत्र नहीं हो सकता।
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अपोलो इंटरनेशनल कोलोरेक्टल सिम्पोसियम सम्मेलन 2018 की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रेड्डी ने संवाददाताओं से यह जानकारी दी। यह पूछे जाने पर की क्या सीसीटीवी फुटेज भी सौंप दी गई हैं? इस पर उन्होंने कहा कि 'जिस दिन वह अस्पताल में भर्ती हुई उसी दौरान सभी कैमरों को बंद करवा दिया गया था। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि वह नहीं चाहती थीं कि उनके इलाज से जुड़ी फुटेज कैमरे में कैद ना हो। साथ ही आईसीयू में आना-जाना भी प्रतिबंधित कर दिया गया था। उस आईसीयू में मौजूद अन्य मरीजों की दूसरी जगह व्यवस्था कर दी गई थी।'
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गौरतलब है कि 22 सितंबर 2016 को जयललिता के अस्पताल में भर्ती होने से 5 दिसंबर 2016 को अंतिम सांस लेने तक के मामले की जांच की जा रही है। जांच आयोग इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर जयललिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या जयललिता की मृत्यु के पीछे कोई षड्यंत्र हो सकता है?'
सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 2459 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 74.54 फीसदी (1833 वोट) ने माना कि जयललिता की मृत्यु के पीछे कोई षड्यंत्र हो सकता है।
जबकि 25.46 फीसदी (626) पाठकों ने माना कि जयललिता की मृत्यु के पीछे कोई षड्यंत्र नहीं हो सकता।