अमर उजाला पोल: बेरोजगारी वाली रिपोर्ट को लेकर शुरू हुए विवाद से बढ़ेंगी सरकार के लिए मुश्किलें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में 45 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी वाली रिपोर्ट पर विपक्ष की ओर से केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों के बाद नीति आयोग की सफाई सामने आई है। आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने गुरुवार को कहा कि ये आंकड़े फाइनल नहीं है और न ही सत्यापित हुए हैं। आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि देश में 45 साल में सबसे ज्यादा 'बेरोजगारी' वाली रिपोर्ट सत्यापित नहीं है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की प्रोसेसिंग जारी है। नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस(एनएसएसओ) की रिपोर्ट का कुछ हिस्सा मीडिया में लीक होने के बाद विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाते हुए हमला बोला था।
रिपोर्ट के बारे में नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने नौकरी को लेकर डेटा जारी नहीं किया है। जैसे ही डेटा तैयार हो जाएगा हम उसे जारी कर देंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2011-12 में जो आंकड़े दिए गए थे उससे इसकी तुलना करना ठीक नहीं होगा। कारण कि दोनों समय में अलग-अलग तरीके से आंकड़े इकट्ठे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नए सर्वे में कंप्यूटर पर्सनल इंटरव्यू का इस्तेमाल किया जा रहा है। डेटा को अभी वैरिफाइड नहीं किया गया है। दोनों डेटा सेट की तुलना करना और इसे अंतिम रिपोर्ट के तौर पर मान लेना ठीक नहीं होगा।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या बेरोजगारी वाली रिपोर्ट को लेकर शुरू हुए विवाद से सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी?
पोल के जवाब में हमें कुल 2817 वोट मिले। इनमें 61.95 फीसदी (1745 वोट) पाठकों ने माना कि बेरोजगारी वाली रिपोर्ट को लेकर शुरू हुए विवाद से सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी, जबकि 38.5 फीसदी (1072 वोट) पाठकों ने माना कि बेरोजगारी वाली रिपोर्ट को लेकर शुरू हुए विवाद से सरकार के लिए मुश्किलें नहीं बढ़ेंगी।