{"_id":"5862510d4f1c1b8259eebfb2","slug":"amar-ujala-poll-cashless-transaction-is-not-harmfull-for-privacy","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला पोल: 56.33% ने माना, कैशलेस ट्रांजेक्शन से प्राइवेसी का उल्लघंन नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अमर उजाला पोल: 56.33% ने माना, कैशलेस ट्रांजेक्शन से प्राइवेसी का उल्लघंन नहीं
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 27 Dec 2016 05:31 PM IST
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नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैशलेस ट्रांजेक्शन पर जोर दिया है। लेकिन उनकी इस मुहिम पर विपक्ष की ओर से लगातार प्रहार किया जा रहा है। कांग्रेस के नेता ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठा दिए। उन्होंने लिखा कि एक लड़की यह क्यों बताए किउसने ब्रा खरीदी या पैंटी या फिर एक लड़का यह क्यों बताए कि उसने शराब खरीदी या तंबाकू?
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एक जोड़े को अपने प्राइवेट हॉलीडे के बारे में क्यों बताना चाहिए? एक बुजुर्ग व्यक्ति यह क्यों बताए कि उसने अपनी बीमारी के लिए एडल्ट डायपर्स या दवाएं खरीदी है। एक सरकार और उसकी एजेंसियों को डाटा के जरिए हमारी निजता पर क्यों पहरेदारी चाहिए?
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इन्हीं सवालों के साथ लोगों की प्राइवेसी का मुद्दा खड़ा हो गया है। इसी पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल किया। पोल में सवाल पूछा गया कि 'क्या कैशलेस ट्रांजेक्शन से प्राइवेसी का उल्लघंन होता है?'
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कुल 7,419 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। सबसे अधिक 56.33 फीसदी यानि 4,179 पाठकों का मानना है कि कैशलेस ट्रांजेक्शन पीएम मोदी के सही कदमों से एक है और इससे प्राइवेसी के उल्लघंन का कोई मतलब नहीं है। वहीं 41.12 फीसदी यानि 3,051 पाठकों का मानना है कि कहीं न कहीं इससे उनकी प्राइवेसी को खतरा तो है। पोल में 2.55 फीसदी यानि 189 पाठक ऐसे थे जिन्होंने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।