विज्ञापन

अमर उजाला पोल: पाठकों की राय, हमारा समाज बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं 

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 17 Apr 2018 08:01 PM IST
amar ujala poll
amar ujala poll
ख़बर सुनें
उन्नाव और जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ हुए गैंगरेप के बाद हत्या के मामले को लेकर देशभर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। बता दें कि दिल्ली के अलावा मुंबई, बंगलूरू, गोवा, भोपाल, लखनऊ और केरल सहित देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ विरोध जता रहे हैं। गैंगरेप और हत्या के इन दो मामलों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'कठुआ और उन्नाव जैसी घटनाओं के बाद आपको लगता है कि हमारा समाज बेटियों के लिए सुरक्षित है?'

पोल के जवाब में हमें कुल 3,093 वोट मिले। इनमें 22.05 फीसदी (682 वोट) पाठकों ने माना कि कठुआ और उन्नाव गैंगरेप जैसी घटनाओं के बाद भी हमारा समाज बेटियों के लिए सुरक्षित है, जबकि 77.95 फीसदी (2,411 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि कठुआ और उन्नाव गैंगरेप जैसी घटनाओं के बाद हमारा समाज बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं है। 

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

India News

चीन और पाकिस्तान से युद्ध हो तो कितना वजन एयरलिफ्ट हो सकता है? वायुसेना ने उठाया रिकॉर्ड वजन

पाकिस्तान और चीन से अगर युद्ध छिड़ जाता है तो उस परिस्थित में वायुसेना कितनी जल्दी और कितना वजन एयरलिफ्ट कर सकती है? भारतीय वायुसेना ने इस सवाल को हल करने के लिए एक सफल परीक्षण किया।

19 दिसंबर 2018

विज्ञापन

मनमोहन सिंह ने खोला अपना राज़, सभी हंस पड़े

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दिल्ली के एक कार्यक्रम में अपने वित्त मंत्री बनने की कहानी साझा की। खास बात ये रही कि उनके बताने का अंदाज ऐसा था कि सभी हंस पड़े।

19 दिसंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree