'हिंदी हैं हम' अभियान के 10 विजेताओं ने जीते इनाम, पहले सप्ताह हजारों ने लिया हिस्सा
अपनी मातृभाषा से प्रेम दर्शाने वाले अमर उजाला के अभियान 'हिंदीं हैं हम' के पहले सप्ताह में ही लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। हर आयुवर्ग के हजारों लोगों ने अपने-अपने तरीके से मातृभाषा के प्रति अपने प्यार का इजहार किया। यूं तो मात्र 30 सेकंड के वीडियो में अपनी भावनाओं को व्यक्त करना काफी कठिन है, लेकिन प्रतिभागियों ने इसे बेहद खूबसूरती से अंजाम दिया।
10 विजेताओं को 1000-1000 रुपये नकद व किताबें भी मिलेंगी
हजारों नायाब प्रस्तुतियों में से बेहतरीन को चुनना बेहद दुष्कर और दुरूह कार्य था। कड़ी मशक्कत के बाद 10 विजेता चुने गए हैं। चुने गए सभी 10 प्रतिभागियों को एक-एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा बेहतरीन पुस्तकें भी उपहार में दी जाएंगी।
विजेताओं के नाम
- आस्था महाजन - कानपुर
- डॉ. सौम्य प्रकाश- लखनऊ
- तनिषा अहमद - पौड़ी
- अनामिका तिवारी - गोरखपुर
- भारती मांगलिक - बुलंदशहर
- प्रज्ञा प्रजापति - भदोही
- गीता निगम - प्रयागराज
- जाह्नवी - नारनौल
- शशि बंसल - हरिद्वार
- वेदांत चौहान - मैनपुरी
आप भी लें हिस्सा
अगर आपने अभी तक 'हिंदी हैं हम' अभियान में हिस्सा नहीं लिया है तो देर न कीजिए। इस अभियान में हर आयुवर्ग के लिए जगह है। छह हफ्ते तक चलने वाले इस अभियान में अभी पांच हफ्ते और बचे हैं। कहीं पुरस्कार और पुस्तकें जीतने का बेहतरीन मौका हाथ से न निकल जाए। आपको बस 30 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड करके हमें भेजना है। इसमें खुद भी हिस्सा बनें और दोस्तों-परिचितों व पूरे परिवार को सहभागी बनने को प्रेरित करें।
वीडियो ऐसे करें अपलोड
वीडियो में अपना नाम, पता, उम्र, शिक्षा संक्षेप में बोलकर रिकॉर्ड करें। इसके बाद पेपर में छपे क्यूआर कोड को स्कैन कर वीडियो अपलोड करें। अपना वीडियो 9711616205 पर व्हाट्सअप करें।
कैसे बनें अभियान का हिस्सा
- बच्चे: रोज अमर उजाला पढ़ें। जो खबर या लेख पसंद हो, उसे पढ़ें व वीडियो बनाएं।
- माता-पिता: हिंदी साहित्य की किसी प्रिय रचनाकार की रचना का अंश पढ़ें। यह कहानी, कविता या निबंध कुछ भी हो सकता है।
- युवा: नए समय के नए अनुभव और नए जमाने की अपनी पसंद की बात करें या किसी भी प्रिय रचना का अंश पढ़ें।
- दादी-नानी: बच्चों को किस्से सुनाएं, लोकगीत या गुजरे दिन की बातें, जिनसे आनंद भी आए और सीख भी मिले।