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GNI Report on Loyalty Engine: अमर उजाला की नई पहल से लॉयल यूजर्स और फर्स्ट पार्टी साइन-अप्स में हुई बढ़ोतरी
Tue, 15 Oct 2024 04:44 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 15 Oct 2024 04:44 PM IST
सार
गेमिफाइड यूजर एक्सपीरियंस के जरिए अमर उजाला डॉट कॉम को मिली सफलता। लॉयल यूजर बेस में 14% का इजाफा हुआ, वहीं, 44% की बढ़ोतरी फर्स्ट पार्टी साइन-अप्स में देखी गई।
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GNI Report on Loyalty Engine
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
अमर उजाला 76 वर्षों से लगातार पाठकों की पसंद बना हुआ है। पाठकों की इस पसंद को डिजिटल पर भी विस्तार मिला है। डिजिटल यूजर्स का भरोसा बना रहे, इसके लिए अमर उजाला डॉट कॉम ने कंटेंट के साथ-साथ प्रोडक्ट और तकनीक में भी कई प्रयोग किए हैं। इसी उद्देश्य से लॉन्च किए गए 'गेमिफाइड न्यूज एक्सपीरियंस' के बेहतर नतीजे देखने को मिले हैं। गूगल न्यूज इनीशिएिटव की रिपोर्ट में अमर उजाला डॉट कॉम की इस उपलब्धि का जिक्र किया गया है।
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अमर उजाला डॉट कॉम अग्रणी हिंदी समाचार वेबसाइट है, जिसका प्रयास देश-दुनिया की खबरें सबसे पहले और तेजी से देने पर रहता है। इस डिजिटल इकाई की मूल कंपनी अमर उजाला है, जो भारत का चौथा सबसे बड़ा समाचार पत्र है। इंडियन रीडरशिप सर्वे यानी आईआरएस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अमर उजाला अखबार के पास 4.7 करोड़ की पाठक संख्या है। समूह के 22 संस्करण हैं, जो छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में हैं। इनके जरिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के 179 जिलों को कवर किया जाता है।
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गेमिफाइड यूजर एक्सपीरियंस
इतने वर्षों की विरासत को सहेजते हुए अमर उजाला डॉट कॉम ने हमेशा एक सिद्धांत को अपनाया है कि पाठकों की अमर उजाला को पढ़ने की आदत बनी रहे और इसके लिए उन्हें कुछ लाभ भी मिलता रहे। इसी के तहत अमर उजाला डॉट कॉम ने गेमिफाइड यूजर एक्सपीरियंस से जुड़ी पहल की शुरुआत की। इसका नाम है - द लॉयल्टी इंजन। यह पॉइंट्स हासिल करने और उसका इस्तेमाल करने की अवधारणा पर आधारित है। इससे डिजिटल के पाठकों को कंटेंट पढ़ने और वेब-एप प्लेटफॉर्म से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहन (इंसेटिव) दिया जाता है।
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वेबसाइट पर बार-बार आने की पाठकों की आदत बनी रहे, वे बेहतर तरीके से एंगेज हो सकें, इसके लिए सतत प्रयोगों और प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। सेगमेंटेड कैम्पेन जैसे प्रयासों से एप इंस्टॉल, रजिस्ट्रेशन, प्रोफाइल कंप्लीशन को बढ़ावा दिया जाता है। इससे पाठक को वेबसाइट या एप से जोड़े रखने और उसकी पसंद को दर्ज करने जैसे प्रयासों में मदद मिलती है।
इस बारे में अमर उजाला के डिजिटल हेड जयदीप कर्णिक बताते हैं, ''डिजिटल पाठकों तक खबरें पहुंचाने के हमारे मूल अनुभव को प्रोत्साहित (गेमिफाई) करना हमारी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था। इसके साथ ही लॉयल यूजर बेस को बढ़ाने और फर्स्ट पार्टी डेटा को इकट्ठा करने के लिए भी यह पहल जरूरी थी। हमारे लॉयल्टी इंजन ने यूजर एंगेजमेंट को बढ़ाने वाली कोशिशों की पहचान कर उद्देश्यों को हासिल करने की ताकत दी है। इस दिशा में गूगल के साथ शुरुआत से हुई साझेदारी हमारे उद्देश्यों और दीर्घकालिक विजन को आकार देने में मूल्यवान साबित हुई है।''
नतीजे
लॉयल्टी इंजन की पहल से अमर उजाला को बड़ी सफलता मिली है। इससे 14% का इजाफा लॉयल यूजर बेस में हुआ है और 44% की बढ़ोतरी फर्स्ट पार्टी साइन-अप्स में देखी गई है। दरअसल, लॉयल्टी इंजन से ऐसा मजबूत एंगेजमेंट तंत्र बनाने में मदद मिली है, जिससे डिजिटल पाठकों की वेबसाइट-एप पर बार-बार आने की आदत और बढ़े। इससे लॉयल यूजर बेस में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी देखने को मिली है। साथ ही फर्स्ट-पार्टी डेटा में भी इजाफा हुआ है। लॉयल्टी इंजन की पहल के तहत एक 'बर्न मैकेनिज्म' काम करता है। यानी सब्सक्रिप्शंस जैसे फैसलों के लिए यूजर्स को लॉयल्टी पॉइंट्स मिलते हैं, जिन पर मिले रिवॉर्ड को वो भुना सकते हैं।
इस 'बर्न मैकेनिज्म' की मदद से यूजर्स को पेड सब्सक्राइबर्स में तब्दील करने और उन्हें दोबारा सब्सक्रिप्शन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलती है। इसके नतीजतन रेवेन्यू में भी इजाफा होता है। इसी के साथ-साथ इस पहल के जरिए मिले उत्कृष्ट फर्स्ट पार्टी डेटा से अमर उजाला को पर्सनलाइज्ड टारगेटिंग के जरिए यूजर की सब्सक्रिप्शन की यात्रा को बेहतर बनाने और रिन्यूअल को बढ़ावा देने में भी मदद मिली है।
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