Award: अमर उजाला 'आकाशदीप' से सम्मानित मेमचौबी मणिपुर स्टेट अवॉर्ड फॉर लिटरेचर 2024 से सम्मानित
अमर उजाला के प्रतिष्ठित ‘आकाशदीप सम्मान’ से सम्मानित साहित्यकार अरमबाम ओंगबी मेमचौबी को ‘मणिपुर स्टेट अवॉर्ड फॉर लिटरेचर 2024’ से सम्मानित किया गया है।
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अमर उजाला के प्रतिष्ठित ‘आकाशदीप सम्मान’ से सम्मानित मणिपुर की प्रख्यात साहित्यकार अरमबाम ओंगबी मेमचौबी को ‘मणिपुर स्टेट अवॉर्ड फॉर लिटरेचर 2024’ से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने शनिवार को इंफाल में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। मेमचौबी को उनकी कविता पुस्तक ‘थामाम्बा आहिंग’ के लिए यह पुरस्कार दिया गया। मणिपुर स्टेट फिल्म डेवलपमेंट सोसायटी के पैलेस ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का आयोजन भाषा, योजना एवं कार्यान्वयन निदेशालय ने किया था। मेमचौबी को प्रशस्ति पत्र, शॉल और तीन लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। पूर्वोत्तर भारत की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपराओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
समारोह में कांगजाम इबोहल सिंह को ‘मणिपुर स्टेट लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड फॉर लिटरेचर 2024’ से सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र, शॉल और चार लाख रुपये की राशि दी गई। वहीं युवा लेखक अकोइजाम जितेन को उनकी पुस्तक ‘ख्युम नोंगदम काओ’ के लिए ‘मणिपुर स्टेट यंग राइटर्स अवॉर्ड फॉर लिटरेचर 2024’ प्रदान किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र, शॉल और एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने कहा कि साहित्य ने हमेशा समाज, सभ्यता और संस्कृति को दिशा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार साहित्यकारों और लेखकों के योगदान को आगे भी सम्मान और सहयोग देती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने राज्य में पिछले कुछ वर्षों के अशांत हालात का जिक्र करते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक असर गरीब और दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों पर पड़ा है। उन्होंने लोगों से बंद, नाकेबंदी और हड़ताल जैसे कदमों से बचने की अपील की। उन्होंने विरोध प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां राज्य की छवि और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती हैं। मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों से शांति और सौहार्द बनाए रखने तथा राज्य के विकास के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मंत्री खुराइजाम लोकेन सिंह ने कहा कि राज्य की परिस्थितियों के कारण पुरस्कार वितरण में देरी हुई। उन्होंने साहित्यकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सरकार संस्कृति संरक्षण के लिए लेखकों को हरसंभव सहयोग देती रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, ‘मणिपुर स्टेट अवॉर्ड फॉर लिटरेचर’ वर्ष 2008 से दिया जा रहा है, जबकि ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ और ‘यंग राइटर्स अवॉर्ड’ इस वर्ष पहली बार शुरू किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि अरमबम ओंगबी मेमचौबी को अमर उजाला के ‘शब्द सम्मान’ के तहत गैर-हिंदी भारतीय भाषाओं की श्रेणी में प्रतिष्ठित ‘आकाशदीप पुरस्कार 2025’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान उन्हें साहित्य के क्षेत्र में आजीवन योगदान के लिए प्रदान किया गया था।