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भोपाल से सांसद आलोक संजर की उम्मीदवारी रद्द, डमी प्रत्याशी के तौर पर भरा था नामांकन
Wed, 24 Apr 2019 11:23 PM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Wed, 24 Apr 2019 11:23 PM IST
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आलोक संजर (फाइल फोटो)
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भाजपा को भोपाल लोकसभा सीट पर झटका लगा है। चुनाव आयोग ने आलोक संजर की उम्मीदवारी रद्द कर दी है। मालूम हो कि डमी प्रत्याशी के तौर पर भाजपा के मौजूदा सांसद आलोक संजर ने भोपाल लोकसभा सीट से पार्टी के डमी उम्मीदवार के रूप में मंगलवार को नामांकन-पत्र दाखिल किया था।
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गौरतलब है कि भोपाल सीट से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को लेकर अंदरुनी परेशानी और बाबरी मस्जिद के बयान पर तकनीकी स्थिति को देखकर निवर्तमान सांसद आलोक संजर को डमी प्रत्याशी के तौर पर उतारा गया। आलोक संजर भाजपा का प्लान बी थे। लेकिन चुनाव आयोग ने उनके फॉर्म में भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी लिखा पाया।
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तकनीकी रूप से इस लाइन को तथ्यात्मक त्रुटि मानकर चुनाव आयोग ने आलोक संजर की उम्मीदवारी रद्द कर दी। यह भाजपा के लिए दूसरा बड़ा झटका है। भाजपा ने आलोक संजर से नामांकन इसलिए कराया था कि भविष्य में साध्वी की बजाय उनके पीछे खड़ी होती, लेकिन इन उम्मीदों पर फिलहाल पानी फिर गया है।
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मालूम हो कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण की समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर एक टीवी चैनल से प्रज्ञा ने शनिवार शाम कहा था, ‘‘राममंदिर हम बनाएंगे और भव्य बनाएंगे। हम तोड़ने गये थे (बाबरी मस्जिद का) ढांचा। मैंने चढ़कर तोड़ा था ढांचा। मुझे ईश्वर ने शक्ति दी थी। हमने देश का कलंक मिटाया है।’’ इसी संबंध में निर्वाचन आयोग ने प्रज्ञा के खिलाफ कार्रवाई की है। गौरतलब है कि 6 दिसम्बर 1992 को कार सेवकों द्वारा बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया था, अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है।
इससे पहले निर्वाचन आयोग ने 26:11 के मुम्बई आतंकी हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के बारे में बृहस्पतिवार को दिये गये विवादित बयान पर भी प्रज्ञा को शनिवार शाम को ही कारण बताओ नोटिस जारी किया था। 29 सितंबर, 2008 को मालेगांव में हुये बम धमाकों के मामले में प्रज्ञा आरोपी हैं और तकरीबन 9 साल जेल में रहीं हैं। इस बहुचर्चित मामले में वह इन दिनों जमानत पर चल रही हैं।