Palghar Mob Lynching Incident: पालघर घटना में गिरफ्तार आरोपियों में से कोई भी मुस्लिम नहीं : महाराष्ट्र सरकार
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने पालघर में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की मॉब लिंचिंग (भीड़ हिंसा) करने वाले आरोपियों के नाम आज जारी कर दिए। अनिल देशमुख ने कहा कि गिरफ्तार किए गए 101 लोगों में से कोई भी मुस्लिम नहीं है।
पालघर की घटना में पुलिस हिरासत हुए १०१ लोगों की सूची यहाँ सांझा की जा रही है। जो विघ्नसंतोषी इस घटना को धार्मिक रंग देने की पूरी कोशिश कर रहे थे, वह इसे ध्यानपूर्वक पढ़ें...#ZeroToleranceForCommunalism#LawAndOrderAboveAll pic.twitter.com/o70b2YNHQq
— ANIL DESHMUKH (@AnilDeshmukhNCP) April 22, 2020विज्ञापन
इससे पहले देशमुख ने फेसबुक के जरिए दिए संबोधन में कहा, 'इस घटना के संबंध में गिरफ्तार किया गया कोई भी आरोपी मुस्लिम नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस घटना के बाद साम्प्रदायिक राजनीति की जा रही है।' किसी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि कुछ लोग 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' देख रहे हैं। यह राजनीति करने का नहीं बल्कि एक साथ मिलकर कोरोना वायरस से लड़ने का समय है।
'ओए बस' को 'शोएब बस'समझा गया : सरकार
अफवाहों पर गृहमंत्री देशमुख ने कहा कि वीडियो में एक आवाज सुनाई दे रही है 'ओए बस' और कुछ लोगो ने इसे 'शोएब बस' कर प्रसारित किया। उन्होंने आगे कहा कि सभी राज्य महामारी से लड़ रहे हैं और कुछ लोगों ने इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार ने घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में सोमवार को पालघर के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
There was a sound heard in the video 'Oye Bas', people circulated it online and some called it 'Shoeb Bas'. All state mechanism is fighting the pandemic & some people tried to bring communal angle in this matter: Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh on Palghar incident https://t.co/0S1RTsByMJ
— ANI (@ANI) April 22, 2020
बता दें कि 16 अप्रैल की रात जब दो साधू और उनका ड्राइवर किसी परिचित के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कार से मुंबई से गुजरात के सूरत जा रहे थे। उनके वाहन को पालघर जिले के एक गांव के पास रोक लिया गया जहां भीड़ ने बच्चा चोरी करने के संदेह में तीनों को कार से बाहर निकाला और उनकी लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतकों की पहचान महाराज कल्पवृक्षगिरि (70), सुशीलगिरि महाराज (35) और चालक निलेश तेलगड़े (30) के रूप में की गई।