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बजट सत्र पर चुनाव का साया, 30 जनवरी को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक
अमर उजाला ब्यूरो/नई दिल्ली
Updated Wed, 25 Jan 2017 05:45 AM IST
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आगामी 30 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में बीते शीतकालीन सत्र की तरह ही हंगामे के आसार हैं। चूंकि बजट सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश सहित 5 राज्यों के विधानसभा कार्यक्रम की घोषण कर दी है। ऐसे में संसद में सरकार और विपक्ष के बीच तनातनी तय है।
वैसे भी विपक्ष चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर ऐतराज जता रहा है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच जारी सियासी तनातनी के बीच लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सत्र के पहले दिन अर्थात 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसद का पिछला सत्र नोट बंदी के फैसले पर हुए विवाद के कारण हंगामे की भेंट चढ़ गया था।
बजट सत्र और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही बजट पेश करने पर विपक्ष और सरकार पहले से आमने सामने हैं। चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने आम बजट को पेश करने की तारीख बदलने की याचिका खारिज कर दी है, ऐसे में सरकार इस मामले में फ्रंट फुट पर है।
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चुनाव आयोग ने इस दौरान चुनावी राज्यों से जुड़े लोकलुभावन योजनाओं की घोषणा से सरकार को परहेज बरतने का निर्देश दिया है। जबकि विपक्ष का कहना है कि आम बजट में नीतिगत घोषणाओं का सीधा असर अन्य राज्यों के साथ-साथ चुनावी राज्यों पर भी पड़ेगा।
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वैसे भी विपक्ष चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर ऐतराज जता रहा है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच जारी सियासी तनातनी के बीच लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सत्र के पहले दिन अर्थात 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसद का पिछला सत्र नोट बंदी के फैसले पर हुए विवाद के कारण हंगामे की भेंट चढ़ गया था।
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बजट सत्र और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही बजट पेश करने पर विपक्ष और सरकार पहले से आमने सामने हैं। चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने आम बजट को पेश करने की तारीख बदलने की याचिका खारिज कर दी है, ऐसे में सरकार इस मामले में फ्रंट फुट पर है।
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चुनाव आयोग ने इस दौरान चुनावी राज्यों से जुड़े लोकलुभावन योजनाओं की घोषणा से सरकार को परहेज बरतने का निर्देश दिया है। जबकि विपक्ष का कहना है कि आम बजट में नीतिगत घोषणाओं का सीधा असर अन्य राज्यों के साथ-साथ चुनावी राज्यों पर भी पड़ेगा।