गांगुली नहीं बन पाएंगे अध्यक्ष, अनुराग ठाकुर के लिए ICC के दरवाजे भी बंद
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जस्टिस आरएम लोढ़ा कमेटी ने साफ कर दिया है कि कमेटी की सिफारिशों पर खरा नहीं उतरने वाला कोई भी अयोग्य पदाधिकारी राज्य संघ या फिर बीसीसीआई का प्रतिनिधि बनकर बोर्ड में काम नहीं कर पाएगा। इसके साथ ही यह साफ हो गया है कि बोर्ड के पूर्व सचिव अजय शिर्के अब महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के प्रतिनिधि बनकर बीसीसीआई में काम नहीं करा पाएंगे।
यही नहीं कमेटी ने यह भी साफ कर दिया है कि राज्य संघ में तीन साल से कम समय तक कार्य करने की स्थिति में बीसीसीआई में उतने ही समय पदाधिकारी काम कर पाएगा जितना समय तीन साल पूरे होने में बचा है। इसका मतलब यह है कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष सौरव गांगुली बोर्ड के अगले अध्यक्ष नहीं बन पाएंगे। उनके सीएबी में तीन साल जून में पूरे हो रहे हैं। इसके बाद उन्हें तीन साल कूलिंग पीरियड लेना होगा। तब ही वह बोर्ड अध्यक्ष पद पर दावा जता पाएंगे।
वर्तमान पदाधिकारी ICC में बोर्ड का प्रतिनिध बनकर नहीं जा पाएगा
लोढ़ा कमेटी ने बृहस्पतिवार को स्वभाविक प्रश्नों के जवाब जारी किए। जिससे बोर्ड में राज्य संघों के पदाधिकारियों की शंकाओं का समाधान होने के साथ कमेटी की सिफारिशें लागू होने के लेकर सारी स्थितियां साफ हो गईं। कमेटी की ओर से स्थिति साफ करने के बाद अब यह तय हो गया है कि बीसीसीआई को चलाने के लिए कोई भी वर्तमान दिग्गज पदाधिकारी योग्य नहीं बचा है।
दरअसल एमसीए ने प्रस्ताव पारित कर दिया था कि बोर्ड में उनके प्रतिनिधि शिर्के ही रहेंगे। लोढ़ा कमेटी ने इसे साफ तौर पर खारिज कर दिया है। कमेटी ने यहां तक कह दिया है कि कोई भी अयोग्य पदाधिकारी प्रतिनिधि तो छोड़ें किसी भी कमेटी में नहीं रह पाएगा। साथ ही न तो सलाहकार की हैसियत या फिर बतौर पैटरन काम कर पाएगा।
कमेटी के जवाब से यह भी साफ हो गया है कि बोर्ड का कोई वर्तमान पदाधिकारी आईसीसी में बोर्ड का प्रतिनिध बनकर नहीं जा पाएगा। अभी तक आईसीसी में बोर्ड का प्रतिनिधत्व पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर कर रहे थे। फिल्हाल फरवरी के प्रथम सप्ताह में होने वाली आईसीसी की बैठक में यह जिम्मा सीईओ राहुल जौहरी के कंधे आ सकता है।
सौरव गांगुली को लेकर भी स्थिति साफ हो गई है
वहीं सौरव गांगुली को लेकर भी स्थिति साफ हो गई है। गांगुली का सीएबी में विभिन्न पदों पर कुल तीन साल का कार्यकाल जून में पूरा हो रहा है। अगर वह फरवरी में बोर्ड अध्यक्ष बनते हैं तो चार माह तक ही काम कर पाएंगे। इसके बाद उन्हें पद छोड़ कूलिंग पीरियड पर जाना होगा। बोर्ड में चुने गए पदों के अलावा सहायक सचिव, सहायक ट्रेजरॉर जैसे नामित पदों को भी नौ साल के कार्यकाल में गिना जाएगा।
परांजपे, खोड़ा को देना होगा इस्तीफा
जस्टिस लोढ़ा कमेटी ने यह भी साफ कर दिया है कि ईरानी ट्राफी के लिए शेष भारत की टीम का चयन तीन सदस्यीय कमेटी ही करेगी। कमेटी ने जौहरी को सलाह दी है कि वर्तमान पांच सदस्यीय कमेटी में टेस्ट क्रिकेटरों को वरीयता देते हुए बाकी दो सदस्यों को दूर रखा जाए। इस लिहाज से चयन समिति में टेस्ट क्रिकेटर एमएसके प्रसाद, देबांग गांधी और सरनदीप सिंह बचते हैं। बादी दो चयनकर्ता जतिन परांजपे और गगन खोड़ा सिर्फ वन डे क्रिकेट खेले हैं। ऐसे में इन दोनों को चयन समिति से इस्तीफा देना होगा।