फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Akhil Gogoi Indefinite Sit In for Assam Flood Compensation

असम में बाढ़ पीड़ितों के लिए 10 लाख रुपये की मांग: विधानसभा में धरने पर बैठे अखिल गोगोई; क्या है पूरा मामला?

Fri, 02 Oct 2026 10:54 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, गुवाहाटी।
पीटीआई, गुवाहाटी। Published by: राकेश कुमार Updated Fri, 02 Oct 2026 10:54 PM IST
सार

असम के विधायक अखिल गोगोई ने बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग को लेकर विधानसभा परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। वह चार जिलों के प्रभावित परिवारों को 15,000 रुपये की अंतरिम सहायता और शिवसागर व चराइदेव में अतिरिक्त 10,000 रुपये देने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। गोगोई का आरोप है कि घोषित राहत राशि अब तक सभी प्रभावित परिवारों तक नहीं पहुंची है।
 

विज्ञापन
Akhil Gogoi Indefinite Sit In for Assam Flood Compensation
बाढ़ से बेहाल असम - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

असम में बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग को लेकर शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक राज्य सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, तब तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। गोगोई की मांग है कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को घोषित आर्थिक सहायता जल्द दी जाए और नुकसान झेलने वाले परिवारों को उचित मुआवजा मिले।
विज्ञापन


सरकार से क्या चाहते हैं अखिल गोगोई? 
गोगोई ने असम के चार जिलों शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट के बाढ़ प्रभावित परिवारों को एकमुश्त अंतरिम सहायता के तौर पर 15,000 रुपये देने की मांग की है। इसके अलावा, शिवसागर और चराइदेव के प्रभावित परिवारों को 10,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की मांग भी की गई है। गोगोई के मुताबिक, सरकार को इन परिवारों के लिए घोषित सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


धरना खत्म करने के लिए अखिल गोगोई की क्या शर्त?
अखिल गोगोई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि असम विधानसभा परिसर में उनका अनिश्चितकालीन सत्याग्रह तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार चार जिलों के बाढ़ पीड़ितों को 15,000 रुपये की अंतरिम सहायता और दो जिलों के प्रभावित लोगों को अतिरिक्त 10,000 रुपये देने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं करती। उन्होंने चारों जिलों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी की है। उनका कहना है कि सरकार के मांगें मानने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।


यह भी पढ़ें: उत्तरकाशी: यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए कर्नाटक और महाराष्ट्र के दो श्रद्धालुओं की बिगड़ी तबीयत, दोनों की मौत

सरकार पर राहत राशि नहीं बांटने का आरोप क्यों लगा?
अखिल गोगोई ने बृहस्पतिवार को गांधी जयंती के अवसर पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि असम सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए जिस राहत राशि की घोषणा की थी, उसे बांटने में नाकाम रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को लिखे पत्र में उन्होंने बताया कि 23 सितंबर को एक सार्वजनिक सभा में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और दीर्घकालिक मुआवजा देने के लिए एक अक्तूबर की समयसीमा तय की गई थी।

अब तक कितनी राहत मिली और कितना नुकसान हुआ?
23 सितंबर को शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट के बाढ़ प्रभावित लोगों ने रायजोर दल के नेतृत्व में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बाढ़ आने के दो महीने बाद भी उन्हें पर्याप्त राहत और मुआवजा नहीं मिला है। गोगोई ने दावा किया कि चार जिलों में बाढ़ प्रभावित 30 से 40 प्रतिशत परिवारों को अब तक घोषित 15,000 रुपये की अंतरिम सहायता नहीं मिली है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल शिवसागर और चराइदेव में किसी भी प्रभावित निवासी को अतिरिक्त 10,000 रुपये की विशेष राहत नहीं मिली है। इस साल असम में बाढ़ के कारण कम से कम 108 लोगों की मौत हुई। बाढ़ से घरों, स्कूलों, सड़कों, तटबंधों, मवेशियों के बाड़ों, मत्स्य पालन केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी नुकसान पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed