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भारतीय सेना को मिलेगी दुनिया की सबसे खतरनाक असॉल्ट राइफल एके-203
Sun, 03 Mar 2019 04:05 PM IST
अभिषेक त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक त्यागी
Updated Sun, 03 Mar 2019 04:05 PM IST
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AK–203
- फोटो : ANI
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अमेठी में दुनिया की सबसे खतरनाक असॉल्ट राइफल एके-203 राइफल का निर्माण होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का उद्घाटन किया। इस फैक्ट्री में हर साल 75 हजार एके-203 राइफल बनाई जाएंगी। यह एके-47 राइफल का सबसे उन्नत संस्करण है।
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एके-203 का मैकेनिज्म एके-47 राइफल की तरह ही है, लेकिन नई राइफल एके-47 की तुलना में ज्यादा सटीक मार करेगी। नई असॉल्ट राइफल में एके-47 की तरह ऑटोमैटिक और सेमी ऑटोमैटिक दोनों सिस्टम होंगे। एक बार ट्रिगर दबाकर रखने से गोलियां चलती रहेंगी।
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एके-203 राइफल आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) और रूस की कंपनी कंसर्न क्लानिश्नकोव के बीच रक्षा सौदे पर करार हुआ है। भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम में लगभग 7.5 लाख राइफलों का निर्माण होगा। ओएफबी के उपमहानिदेशक गगन चतुर्वेदी ने बताया कि यह ब्रह्मोस की तरह का संयुक्त उपक्रम मॉडल है। यहां न सिर्फ राइफलों को बनाया जाएगा, बल्कि भारत से इनका निर्यात भी किया जाएगा।
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चतुर्वेदी ने बताया कि यह राइफल पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम के तहत भारत में ही बनाई जाएंगी। करार में ओएफबी के पास 50.5 फीसदी शेयर, जबकि रूस के पास 49.5 फीसदी शेयर होंगे। इससे पहले, भारत ने अमेरिका से 72,400 असॉल्ट राइफलें खरीदने के लिए 700 करोड़ रुपये का करार किया था। करार के मुताबिक एक साल के भीतर अमेरिका की सिग सौयर कंपनी 7.62 एमएम की 72,400 राइफल भारत को सौंपेगी।
इंसास राइफल की जगह लेगी एके-203
भारतीय सेना के पास इस समय इंसास राइफलें हैं। इन्हें आधुनिक और उन्नत तकनीक वाली राइफल से बदलना जरूरी हो गया था। एके-203 असॉल्ट राइफल मिलने से भारतीय सेना की ताकत में इजाफा होगा। किसी भी ऑपरेशन में जवान आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा रात में होने वालेे सैन्य ऑपरेशन में भी यह काफी कारगर होगी।
दस साल पहले भी की थी पेशकश
रूस ने 10 साल पहले भी भारतीय सेना के लिए एके-47 राइफल के अपग्रेड वर्जन की पेशकश की थी। तब दोनों देशों के बीच एके-103 राइफल राइफल पर बात हुई थी, लेकिन करार नहीं हो सका था। अब भारत सरकार और रूस के बीच सबसे नवीनतम वर्जन एके-203 पर सहमति बनी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मेड इन अमेठी एके-203 राइफलों से आतंकियों और नक्सलियों के साथ होने वाली मुठभेड़ों से हमारे सैनिकों को निश्चित रूप से बढ़त मिलेगी। यह ऑर्डिनेंस फैक्ट्री देश के विकास और सुरक्षा के लिए नया रास्ता खोलेगी।’
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'प्रधानमंत्री की कोशिश और रूस के सहयोग से अमेठी में बंद पड़े यूनिट में एके-203 मॉर्डन राइफल बनाने का काम शुरू होगा। यहां भारतीय सेना के लिए 7.5 लाख राइफल्स बनाए जाएंगे।
वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमेठी में कहा, 'जब यहां बनी 7,50,000 AK-203 राइफलें हमारे जवानों के हाथों में होंगी, तब दुश्मनों की हालत वैसी ही होगी जैसी 'एयर स्ट्राइक' और 'सर्जिकल स्ट्राइक' के बाद हुई थी।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने करीब 72 हजार असॉल्ट राइफलों की खरीद के लिए एक अमेरिकी कंपनी से भी एक करार किया है। जिसके तहत करीब 700 करोड़ रुपये में ये राइफलें खरीदी जाएंगी।
एके-203 की खासियत
- 3.25 फुट होगी एके-203 राइफल की लंबाई
- 4 किलो होगा गोलियों से भरी राइफल का वजन
- 600 गोलियां दागी जा सकेंगी एक मिनट में
- 400 मीटर होगी मारक क्षमता, लगा सकेंगे अचूक निशाना