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Maharashtra: 'पुरानी पेंशन योजना पर बजट सत्र से पहले लिया जाएगा फैसला', महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री का बयान
Thu, 14 Dec 2023 02:37 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Thu, 14 Dec 2023 02:37 PM IST
सार
नागपुर में विधान भवन परिसर में पत्रकारों को पवार ने ओपीएस की मांग कर रहे सरकारी कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से हुई बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मांग पर विचार करने के लिए गठित समिति की रिपोर्ट मिल गई है।
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महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
महाराष्ट्र में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने की मांग कर रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। यहां के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने गुरुवार को कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नेआश्वासन दिया है कि आगामी बजट सत्र से पहले इस बारे में निर्णय ले लिया जाएगा।
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बता दें, राज्य विधानसभा का बजट सत्र सामान्य तौर पर हर साल फरवरी-मार्च में होता है।
नागपुर में विधान भवन परिसर में पत्रकारों को पवार ने ओपीएस की मांग कर रहे सरकारी कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से हुई बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मांग पर विचार करने के लिए गठित समिति की रिपोर्ट मिल गई है।
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यह है ओपीएस
महाराष्ट्र में अनेक सरकारी और अर्द्ध-सरकारी कर्मचारी ओपीएस को बहाल करने की मांग कर रहे हैं, जिसे राज्य में 2005 में बंद कर दिया गया था। ओपीएस के तहत सरकारी कर्मचारी को उसके अंतिम वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर मासिक पेंशन मिलती थी। तब इसमें कर्मचारियों की ओर से अंशदान की जरूरत नहीं होती थी।
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यह है नई पेंशन योजना
नई पेंशन योजना के तहत राज्य सरकार के कर्मचारी अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 10 प्रतिशत का अंशदान देते हैं और इतनी ही हिस्सेदारी सरकार की ओर से होती है। इस धन का निवेश पेंशन निधि नियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत अनेक पेंशन फंड में किया जाता है और यह धन बाजार से जुड़ा होता है।
पवार ने कहा कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी कर्मचारी नेताओं से बात करेंगे।