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Maharashtra: फडणवीस-शिंदे के साथ RSS संस्थापक को श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचे अजित, जितेंद्र आव्हाड ने कसा तंज
Sat, 31 Aug 2024 10:30 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 31 Aug 2024 10:30 PM IST
सार
Maharashtra: जितेंद्र आव्हाड ने आरोप लगाया कि अजित पवार एक अलग स्तर पर खेल खेल रहे हैं। वह राजनीतिक रूप से भाजपा के साथ सत्ता साझा कर रहे हैं। लेकिन खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश करने की भी कोशिश कर रहे हैं, जो स्मारक (आरएसएस संस्थापक) पर नहीं जाएगा।
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जितेंद्र आव्हाड
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने शनिवार को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचे। हालांकि, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी स्मारक पर पहुंचे।
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वहीं, शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी के नेता जितेंद्र आव्हाड ने कटाक्ष करते हुए कहा कि लोग अजित पवार के धोखे में आकर मूर्ख नहीं बनेंगे, क्योंकि वे भाजपा के साथ सत्ता में हैं और उन्हें आरएसएस का समर्थन हासिल है। शिंदे और फडणवीस ने नागपुर में 'माजी लड़की बहन' योजना के कार्यक्रम से पहले हेडगेवार के स्मारक का दौरा किया।
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आव्हाड ने आरोप लगाया, अजित पवार एक अलग स्तर पर खेल खेल रहे हैं। वह राजनीतिक रूप से भाजपा के साथ सत्ता साझा कर रहे हैं। लेकिन खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश करने की भी कोशिश कर रहे हैं, जो स्मारक (आरएसएस संस्थापक) पर नहीं जाएगा। वह (अजित पवार) एक राजनेता के रूप में सार्वजनिक रूप से अलग तरह के काम करते हैं और पर्दे के पीछे अलग तरह की राजनीति करते हैं।
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उन्होंने सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति ढहने पर पीएम नरेंद्र मोदी की माफी को खारिज किया। उन्होंने कहा, मोदी ने वीर सावरकर का मुद्दा क्यों उठाया और मूर्ति ढहने की घटना के बारे में बोलते हुए (उन लोगों से जिन्होंने सावरकर का अपमान किया) माफी की मांग क्यों की? लोकसभा चुनाव से पहले ही सावरकर मुद्दा खत्म हो गया था। इसका मतलब है कि वह (मोदी) माफी नहीं मांगना चाहते थे। उस मुद्दे को क्यों उठाया जिस पर कोई चर्चा नहीं कर रहा था?
उन्होंने आरोपी मूर्तिकार और विशालगढ़ किले की बर्बरता में शामिल संदिग्ध व यौन उत्पीड़न के आरोपी बदलापुर स्कूल के प्रिंसिपल को गिरफ्तार करने में सरकार पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। ठाणे जिले के मुंब्रा-कलवा से विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पिछले दिसंबर में आशा कार्यकर्ताओं का मासिक वेतन पांच हजार रुपये बढ़ाने का वादा किया था। लेकिन भुगतान अभी तक संशोधित नहीं किया गया है।