हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलेगी राहत, टिकट कैंसिल कराने पर मिलेगी राहत
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विमान यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने विमान यात्रा के टिकट रद्द कराने का शुल्क सीमित करने और यात्रियों को बोर्डिंग से इनकार करने पर क्षतिपूर्ति बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। इसके अलावा, डीजीसीए ने एयरलाइंस द्वारा अतिरिक्त सामान के लिए वसूले जाने वाले शुल्क में भारी कमी करने का निर्णय किया है।
विमानन नियामक डीजीसीए की प्रमुख एम सत्यवती ने शनिवार को कहा कि अतिरिक्त सामान की संशोधित दरें 15 जून से लागू हो जाएंगी। चेक्ड-इन सामानों के मामले में 15 किग्रा से ऊपर और 20 किग्रा तक एयरलाइंस प्रति किग्रा 100 रुपये वसूलेंगे। वर्तमान में 15 किग्रा से अधिक वजन के लिए एयरलाइंस कंपनियां प्रति किग्रा 300 रुपये वसूलती हैं। सिर्फ एयर इंडिया 23 किग्रा वजन तक का सामान मुफ्त ले जाने की सुविधा देती है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्री के हित में कई उपायों का सुझाव देते हुए कहा कि फ्लाइट रद्द होने के मामले में एयरलाइंस को सभी वैधानिक करों की वापसी करनी होगी। विमानन नियामक डीजीसीए ने कहा है कि किसी भी परिस्थिति में टिकट रद्द कराने का शुल्क मूल किराए से अधिक नहीं होना चाहिए और पैसों की वापसी की प्रक्रिया के लिए एयरलाइंस अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकते।
सरकार ने निश्चित परिस्थितियों के आधार पर 20 हजार रुपये तक की क्षतिपूर्ति का प्रस्ताव किया
ओवरबुकिंग के कारण बोर्डिंग से इनकार करने के मामले में सरकार ने निश्चित परिस्थितियों के आधार पर 20 हजार रुपये तक की क्षतिपूर्ति का प्रस्ताव किया है। नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने कहा कि यात्रियों की शिकायतों को देखते हुए इन उपायों का प्रस्ताव किया गया है।
नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने शनिवार को कहा कि हवाई किराए की अधिकतम सीमा तय करना यात्रियों के लिए घाटे का सौदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि किराए की अधिकतम सीमा तय करने से एयरलाइंस कंपनियां न्यूनतम किराए में इजाफा कर सकती हैं।
दूसरी तरफ, नागरिक उड्डयन सचिव आरएन चौबे ने कहा कि हवाई किराए की अधिकतम सीमा तय करना मंत्रालय के विचाराधीन रहा है। इस मामले की जांच की जा रही है। निश्चित रूप से इस पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।