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वायु प्रदूषण है कितना जानलेवा, इस रिपोर्ट को पढ़कर आपके उड़ जाएंगे होश

Thu, 22 Oct 2020 05:01 PM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Thu, 22 Oct 2020 05:01 PM IST
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air pollution effects on human health in india More than 1.16 lakh infants died due to air pollution in 2019
दिल्ली में प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

लॉकडाउन के दौरान आप एक साफ सुथरी फिजा के गवाह बने होंगे। इसके साथ हवा की गुणवत्ता में सुधार के आंकड़े सुर्खियों में आने लगे थे। इस बीच वायु प्रदूषण को लेकर एक ऐसी रिपोर्ट आई जो काफी डरानेवाली है। वायु प्रदूषण की वजह से वर्ष 2019 में देश में 1.16 लाख नवजातों की मौत हुई। वहीं, दुनियाभर में 4.76 लाख बच्चे काल के गाल में समा गए। 

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हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टीट्यूट ने बुधवार को स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर-2020 नामक एक वैश्विक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से आधी से ज्यादा मौतों का संबंध बाहरी पीएम 2.5 प्रदूषक तत्व से है। इसके अलावा अन्य मौतें कोयला, लकड़ी और गोबर से बने ठोस ईंधन से जुड़ी हुई हैं। 
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भारत में वर्ष 2019 में बाहरी और घरेलू वायु प्रदूषण के लंबे असर की वजह से दिल का दौरा, स्ट्रोक, फेफड़े के कैंसर, फेफड़े की पुरानी बीमारियों, डायबिटीज और नवजात रोगों से यह मौतें हुई हैं। नवजात शिशुओं में ज्यादातर मौतें जन्म के समय कम वजन और समय से पहले जन्म से संबंधित जटिलताओं के कारण हुईं। 
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रिपोर्ट के मुताबिक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि 64 फीसदी मौतें घरेलू वायु प्रदूषण की वजह से हुईं। दक्षिण एशिया में आस-पास के प्रदूषण ने भी एक प्रमुख भूमिका निभाई। 50 फीसदी नवजात की मृत्यु घर के बाहर के वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से जुड़ी थी। 


67 लाख लोगों की मौत
रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण के कारण वर्ष 2019 में विश्वभर में 67 लाख लोगों की मृत्य हुई। हाई ब्लड प्रेशर, तंबाकू सेवन और खराब आहार के बाद समय से पहले मौत का चौथा कारण वायु प्रदूषण को पाया गया है। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल समेत दक्षिण एशियाई देश साल 2019 में पीएम 2.5 (धूल के महीन कण) के उच्चतम स्तर के मामले में टॉप 10 में रहे हैं।

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