{"_id":"66fa779bdae9eb8e500bc8e5","slug":"air-marshal-ap-singh-new-indian-air-force-chief-news-in-hindi-2024-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"IAF: एयर मार्शल एपी सिंह बने वायुसेना के नए प्रमुख, एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने सौंपा कार्यभार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
IAF: एयर मार्शल एपी सिंह बने वायुसेना के नए प्रमुख, एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने सौंपा कार्यभार
Mon, 30 Sep 2024 03:34 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 30 Sep 2024 03:34 PM IST
सार
भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख के तौर पर एयर मार्शल एपी सिंह ने आज कमान संभाल ली है। उन्हें एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कार्यभार सौंपा है। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दिवंगत वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
विज्ञापन
एयर मार्शल एपी सिंह बने वायुसेना के नए प्रमुख
- फोटो : X / @IAF_MCC
विस्तार
भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख के तौर पर एयर मार्शल एपी सिंह ने कमान संभाल ली है। उन्हें एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कार्यभार सौंपा है। बता दें कि आज एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने सुबह वायु भवन में पारंपरिक 'वॉक थ्रू' करने से पहले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दिवंगत वीरों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्हें वायुसेना के वायु योद्धाओं की तरफ से विदाई सलामी के रूप में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
विज्ञापन
एपी सिंह को 40 वर्षों का अनुभव
बता दें कि 27 अक्टूबर, 1964 को जन्मे एयर मार्शल एपी सिंह को दिसंबर 1984 में भारतीय वायु सेना के लड़ाकू पायलट स्ट्रीम में कमीशन दिया गया था। लगभग 40 वर्षों की अपनी लंबी और प्रतिष्ठित सेवा के दौरान, उन्होंने कई कमांड, स्टाफ, इंस्ट्रक्शनल और विदेशी नियुक्तियों में काम किया है।
5 हजार घंटे से ज्यादा समय तक विमान उड़ानें का अनुभव
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के पूर्व छात्र, एयर ऑफिसर एक योग्य उड़ान प्रशिक्षक और एक प्रायोगिक परीक्षण पायलट हैं, जिनके पास कई प्रकार के फिक्स्ड और रोटरी विंग विमानों पर 5,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।
इन अहम पदों पर भी रह चुके हैं एपी सिंह
अपने करियर के दौरान, एपी सिंह ने एक ऑपरेशनल फाइटर स्क्वाड्रन और एक फ्रंटलाइन एयर बेस की कमान संभाली है। एक परीक्षण पायलट के रूप में, उन्होंने मॉस्को, रूस में मिग-29 अपग्रेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टीम का नेतृत्व किया। वह राष्ट्रीय उड़ान परीक्षण केंद्र में परियोजना निदेशक (उड़ान परीक्षण) भी थे और उन्हें लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, तेजस की उड़ान परीक्षण का काम सौंपा गया था। उन्होंने दक्षिण पश्चिमी वायु कमान में वायु रक्षा कमांडर और पूर्वी वायु कमान में वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी के महत्वपूर्ण स्टाफ पदों पर कार्य किया है। वायु सेना मुख्यालय में जाने से पहले वह मध्य वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रहे।
विज्ञापन
Air Chief Marshal VR Chaudhari handed over command of #IndianAirForce today. On the occasion, he paid homage to the departed brave hearts at the #NationalWarMemorial in the morning before undertaking the traditional 'walk through' at the Vayu Bhawan. He was presented a… pic.twitter.com/FlmA6BIqfj
— Indian Air Force (@IAF_MCC) September 30, 2024विज्ञापन
विज्ञापन
एपी सिंह को 40 वर्षों का अनुभव
बता दें कि 27 अक्टूबर, 1964 को जन्मे एयर मार्शल एपी सिंह को दिसंबर 1984 में भारतीय वायु सेना के लड़ाकू पायलट स्ट्रीम में कमीशन दिया गया था। लगभग 40 वर्षों की अपनी लंबी और प्रतिष्ठित सेवा के दौरान, उन्होंने कई कमांड, स्टाफ, इंस्ट्रक्शनल और विदेशी नियुक्तियों में काम किया है।
5 हजार घंटे से ज्यादा समय तक विमान उड़ानें का अनुभव
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के पूर्व छात्र, एयर ऑफिसर एक योग्य उड़ान प्रशिक्षक और एक प्रायोगिक परीक्षण पायलट हैं, जिनके पास कई प्रकार के फिक्स्ड और रोटरी विंग विमानों पर 5,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।
इन अहम पदों पर भी रह चुके हैं एपी सिंह
अपने करियर के दौरान, एपी सिंह ने एक ऑपरेशनल फाइटर स्क्वाड्रन और एक फ्रंटलाइन एयर बेस की कमान संभाली है। एक परीक्षण पायलट के रूप में, उन्होंने मॉस्को, रूस में मिग-29 अपग्रेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टीम का नेतृत्व किया। वह राष्ट्रीय उड़ान परीक्षण केंद्र में परियोजना निदेशक (उड़ान परीक्षण) भी थे और उन्हें लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, तेजस की उड़ान परीक्षण का काम सौंपा गया था। उन्होंने दक्षिण पश्चिमी वायु कमान में वायु रक्षा कमांडर और पूर्वी वायु कमान में वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी के महत्वपूर्ण स्टाफ पदों पर कार्य किया है। वायु सेना मुख्यालय में जाने से पहले वह मध्य वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रहे।