Asaduddin Owaisi: 'भारत माता की जय से संविधान की शुरुआत नहीं होती', वंदे मातरम विवाद पर क्या बोले ओवैसी
तेलंगाना नगरपालिका चुनाव के नतीजों के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा पर निशाना साधा। इसके साथ ही संसद, हिजाब, संविधान से लेकर वंदे मातरम तक इन सभी मुद्दों पर उन्होंने बेबाकी के साथ अपना रुख साफ किया। आइए जानते हैं ओवैसी ने क्या-क्या कहा?
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तेलंगाना में हुए नगरपालिका चुनाव और फिर सामने आए नतीजों ने पूरे राज्य की राजनीत में गर्माहट तेज कर दी है। इसी बीच एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक साथ कई संसद, हिजाब, वंदे मातरम समेत कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। ओवैसी ने कहा कि यह वफादारी की परीक्षा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान ‘वी द पीपल’ यानी ‘हम भारत के लोग’ से शुरू होता है, न कि ‘भारत माता की जय’ से।
ओवैसी ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 25 हर नागरिक को धर्म की स्वतंत्रता का मूल अधिकार देता है। ऐसे में किसी की देशभक्ति को किसी नारे से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राष्ट्रीय गान को खत्म करने की कोशिश की जा रही है? ओवैसी ने कहा कि उन्हें अपनी वफादारी का कोई प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि हर नागरिक को अपने धर्म और विचारों के अनुसार जीने की आजादी है और यही संविधान की भावना है।
भाजपा पर साधा निशाना
उन्होंने तेलंगाना में हुए चुनाव को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा कि तेलंगाना नगरपालिका चुनाव के दौरान भाजपा नेता हर पांच मिनट में उनका नाम तीन बार लेते थे, जिससे ऐसा लगता है कि वे उन्हें पसंद करते हैं। इसके साथ ही आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की तरफ से वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने कहा कि अगर वे चाहें तो नाथूराम गोडसे को भी भारत रत्न दे सकते हैं।
ओवैसी ने कहा कि तेलंगाना में उनकी पार्टी संरचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभा रहा है, जबकि सरकार केवल तब लाभान्वित होती है जब संसद काम नहीं करती। उन्होंने यह भी बताया कि विपक्ष ने जो दस्तावेज पेश किया, वह सार्वजनिक दस्तावेज था और सरकार इसे खारिज नहीं कर रही।
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हिजाब को लेकर क्या बोले ओवैसी
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान ओवैसी ने हिजाब को लेकर भी अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि मैं देश की विविधता और समावेशिता को बढ़ावा दे रहा हूं, और मेरा सपना है कि एक हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बने।
इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान 'कयामत कभी नहीं आएगी और बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण नहीं होगा' पर ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कम से कम उन्होंने उर्दू का शब्द इस्तेमाल किया, जबकि हिंदी में ऐसा कोई शब्द नहीं है।
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बाबरी मस्जिद पर क्या बोले ओवैसी
बाबरी मस्जिद के सुप्रीम कोर्ट फैसले पर भी ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मैं अब भी मानता हूं कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला गलत था। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के एक वीडियो पर उन्होंने कहा कि यह वीडियो जातिगत भेदभाव और हिंसा भड़काने वाला था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह वीडियो ओवैसी ने बनाया होता, तो क्या होता।
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