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AICC Ahmedabad Session: 64 साल बाद गुजरात में कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन; 139 साल के इतिहास में तीसरी बार

Mon, 24 Feb 2025 07:31 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: बशु जैन Updated Mon, 24 Feb 2025 07:31 PM IST
सार

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन का 8-9 अप्रैल को अहमदाबाद में आयोजन होगा। पार्टी ने कहा कि इसमें भाजपा की जनविरोधी नीतियों, संविधान पर हमले और पार्टी के भविष्य की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया जाएगा। 139 साल पुरानी पार्टी का गुजरात में यह सम्मेलन तीसरी बार होगा। इससे पहले 1936 और 1961 में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था।

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AICC in Gujarat after 64 years; For the third time in 139 years of history
शक्तिसिंह गोहिल, नेता, कांग्रेस - फोटो : ANI
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विस्तार

गुजरात के अहमदाबाद में अप्रैल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का राष्ट्रीय अधिवेशन होगा। 139 साल पुरानी पार्टी का गुजरात में यह सम्मेलन तीसरी बार होगा। इससे पहले 1936 और 1961 में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था। साल 1961 के 64 साल बाद यह सम्मेलन गुजरात में होगा। गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने सम्मेलन के आयोजन का अवसर देने के लिए गुजरात की जनता की ओर से पार्टी हाईकमान का आभार जताया। उन्होंने  कहा कि अधिवेशन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। 

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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन का 8-9 अप्रैल को अहमदाबाद में आयोजन होगा। पार्टी ने कहा कि इसमें भाजपा की जनविरोधी नीतियों, संविधान पर हमले और पार्टी के भविष्य की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार को कहा था कि आगामी सम्मेलन न केवल महत्वपूर्ण विचार-विमर्श के लिए मंच देगा, बल्कि आम लोगों की चिंताओं को दूर करने और राष्ट्र के लिए एक मजबूत वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने का काम करेगा। 
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कार्यक्रम के मुताबिक आठ अप्रैल को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक होगी। इसके बाद नौ अप्रैल को अखिल भारतीय प्रतिनिधियों की बैठक होगी। इसमें कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारी, वरिष्ठ पार्टी नेता और अन्य एआईसीसी प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि पार्टी ने गुजरात को राष्ट्रीय अधिवेशन कराने का अवसर दिया है। गुजरात आजादी के संघर्ष का बड़ा केंद्र रहा है। क्योंकि यहां महात्मा गांधी का आश्रम है। मैं कांग्रेस कार्यसमिति और हाईकमान को अधिवेशन यहां कराने के लिए धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती थी कि अधिवेशन गांधी नगर में महात्मा मंदिर में हो, लेकिन हमें अनाधिकारिक तौर बताया गया कि यह स्थान इस उद्देश्य के लिए नहीं दिया जाएगा। 

राज्यसभा सांसद गोहिल ने कहा कि गुजरात आजादी के नायक महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्मभूमि है। यहां कांग्रेस के इतिहास में तीसरी बार राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन होगा। इससे पहले 1961 में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष नीलम संजीव रेड्डी की अध्यक्षता में भावनगर में अधिवेशन का आयोजन किया गया था। 

सुभाष चंद्र बोस बने थे कांग्रेस के अध्यक्ष
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गुजरात में कांग्रेस का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन 1938 में बारदोली के हरिपुरा में हुआ था। यह सम्मेलन सरदार वल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में हुआ था। यह सम्मेलन बारदोली सत्याग्रह की 10वीं वर्षगांठ पर हुआ था। इस सम्मेलन में सुभाष चंद्र बोस को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष चुना गया था। इसमें पूर्ण स्वराज की मांग की गई थी। साथ ही सुभाष चंद्र बोस ने स्वतंत्रता मिलने के बाद सरकार चलाने की रूपरेखा बताई थी। उन्होंने योजना आयोग बनाने और पंचवर्षीय योजना बनाने का सुझाव दिया था। उनके सुझाव को 12 साल बाद प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने लागू किया था। 


गुजरात के बजट में पेश किए गए गलत आंकड़े
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने गुजरात विधानसभा में पेश किए गए राज्य के बजट को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने बजट में गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कहा है कि बजट का आकार 3.77 लाख करोड़ है। पहली बार भाजपा सरकार ने विधानसभा में गलत आंकड़े पेश किए हैं। संसद में पूछे गए उनके प्रश्न के जवाब का हवाला देते हुए गोहिल ने कहा कि गुजरात पर 467476.4 करोड़ का कर्ज है, जो राज्य के वार्षिक बजट से कहीं ज्यादा है। यह गुजरात मॉडल है, जहां कर्ज वार्षिक बजट से ज्यादा हो जाता है। बजट में किसान, महिलाओं और युवाओं को बिजली और सरकारी नौकरी के तौर पर कोई लाभ नहीं दिया गया है। राज्य को कुछ उद्योगपति मिलकर लूट रहे हैं। 

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