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शशिकला को जयललिता का उत्तराधिकारी बनाने का रास्ता लगभग साफ!
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 13 Dec 2016 04:51 PM IST
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तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद अब सबसे बड़ा सवाल एआईएडीमके के मुखिया को लेकर खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि जयललिता की करीबी और पार्टी की अहम सदस्य वीके शशिकला पार्टी की नई अध्यक्ष होंगी। वहीं पार्टी के दो प्रमुख नेता पानरुति एस रामाचंद्रन और पी एच पांडियन ने शशिकला के अध्यक्ष बनने का विरोध किया है।
रामाचंद्रन और पांडियन ये दोनों नेता भी एआईएडीमके के बहुत पुराने नेता रहे है। जयललिता को श्रद्धांजलि देने के दौरान भी ये दोनों नेता मौजूद थे। अपोलो अस्पताल में भी रामचंद्रन ने पार्टी का बचाव किया था। उधर पांडियन की बात करे तो पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते जब शशिकला और उनके पति एम नटराजन सहित 12 लोगों को पार्टी से निकाला गया था, तो पांडियन उस समय काफी चर्चा में थे।
पांडियन 1999 में अपनी पार्टी के लोकसभा में संसदीय दल के नेता भी रह चुके हैं। जयललिता और पांडियन के परिवारीक अच्छे संबध भी रहे है, लेकिन 2016 में जयललिता ने पांडियन को आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी के पद से हटा दिया था। आपको बता दें लंबी बीमारी के चलते बीते 6 दिसंबर के एआईएडीमके प्रमुख जयललिता का निधन हो गया था। जिसके बाद ओ पनीरसेल्वम को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया है। इसके बाद अब पार्टी अध्यक्ष असमंजस बाकी है।
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रामाचंद्रन और पांडियन ये दोनों नेता भी एआईएडीमके के बहुत पुराने नेता रहे है। जयललिता को श्रद्धांजलि देने के दौरान भी ये दोनों नेता मौजूद थे। अपोलो अस्पताल में भी रामचंद्रन ने पार्टी का बचाव किया था। उधर पांडियन की बात करे तो पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते जब शशिकला और उनके पति एम नटराजन सहित 12 लोगों को पार्टी से निकाला गया था, तो पांडियन उस समय काफी चर्चा में थे।
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पांडियन 1999 में अपनी पार्टी के लोकसभा में संसदीय दल के नेता भी रह चुके हैं। जयललिता और पांडियन के परिवारीक अच्छे संबध भी रहे है, लेकिन 2016 में जयललिता ने पांडियन को आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी के पद से हटा दिया था। आपको बता दें लंबी बीमारी के चलते बीते 6 दिसंबर के एआईएडीमके प्रमुख जयललिता का निधन हो गया था। जिसके बाद ओ पनीरसेल्वम को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया है। इसके बाद अब पार्टी अध्यक्ष असमंजस बाकी है।
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