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तकरार: तमिल नववर्ष की तिथि में बदलाव करने पर भड़का विपक्ष, पनीरसेल्वम बोले- लोगों की भावनाओं का कद्र करें सरकार
Thu, 02 Dec 2021 02:15 PM IST
प्रशांत कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Thu, 02 Dec 2021 02:15 PM IST
सार
साल 2021 में डीएमके सरकार बनने के बाद तमिल नवर्ष को फिर से पोंगल (14 जनवरी) के साथ मनाने की घोषणा की है। सरकार के इस एलान का विपक्षी दल अन्नाद्रमुक विरोध कर रही है।
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पनीरसेल्वम
विस्तार
तमिलनाडु में विपक्षी अन्नाद्रमुक ने सत्तारूढ़ डीएमके को तमिल नववर्ष को 'चिथिराई' (अप्रैल में) से 'थाई' (जनवरी) में बदलने के किसी भी प्रयास का विरोध किया है। डीएमके सरकार द्वारा जनवरी माह में तमिल नववर्ष मनाने के प्रस्ताव पर एआईएडीएमके आग बबूला हो गई और डीएमके पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया। अन्नाद्रमुक के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने मुख्यमंत्री एम के स्टालिन से लोगों की राय का सम्मान करने का आग्रह किया साथ ही चिथिरई (अप्रैल) में तमिल नव वर्ष मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस दिन पर तमिलनाडु के लोगों का अटूट विश्वास है। ऐसे में लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इसमें कोई बदलाव ना करें।
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पनीरसेल्वम ने कहा कि 2008 में एम करुणानिधि के नेतृत्व में द्रमुक सरकार ने तमिल कैलेंडर में बदलाव करते हुए नए साल का जश्न चिथराई (अप्रैल) से थाई (जनवरी) में मनाने का फैसला किया था। यह एक तरह से लोगों पर थोपा गया कानून था। हालांकि बाद में जयललिता ने 2011 में जनवरी के बदले फिर से पुरानी परंपरा के तहत अप्रैल में तमिल नवर्ष मनाने का एलान किया। साल 2021 में डीएमके सरकार बनने के बाद तमिल नवर्ष को फिर से पोंगल (14 जनवरी) के साथ मनाने की घोषणा की है। सरकार के इस एलान का विपक्षी दल अन्नाद्रमुक विरोध कर रही है।
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