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Plane Crash: उड़ान भरते और उतरते वक्त ही सबसे अधिक दुर्घटनाग्रस्त क्यों होते हैं विमान? क्या कहते हैं आंकड़ें

Fri, 13 Jun 2025 06:34 AM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 13 Jun 2025 06:34 AM IST
सार

आमतौर पर विमान हादसे टेकऑफ और लैंडिग के वक्त होते हैं। इसके दो कारण होते हैं, एक इंजन का फेल होना और दूसरा पक्षियों का विमान के इंजन से टकराना। कभी सामान्य उड़ान के दौरान हादसे नहीं होते हैं। टेकऑफ या लैंडिग के दौरान अगर कोई पक्षी इंजन में घुस जाता है, तो बड़ा नुकसान होता है।

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Ahmedabad Plane Crash: Why do most planes crash during takeoff and landing? Know reason
अहमदाबाद विमान हादसा। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

देश दुनिया में हुए पिछले विमान हादसों को देखों तो उड़ान भरने व उतरते वक्त ही विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की सबसे अधिक आशंका होती है। व्यापार समूह इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के आंकड़ों के अनुसार, 2005 से 2023 तक सभी विमानन दुर्घटनाओं में से आधे से अधिक (53%) लैंडिंग के वक्त हुईं। इसके अलावा विमान उतरते वक्त 8.5 फीसदी हादसे हुए। इसके अलावा लैंडिंग से पहले अप्रोच चरण में 8.5% और टेकऑफ के बाद प्रारंभिक चढ़ाई में 6.1% हादसे हुए।

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बोइंग में 2015-2024 के बीच उड़ान भरने के दौरान 20%हादसे
बोइंग के 2015-2024 के आंकड़ों के अनुसार, टेकऑफ और प्रारंभिक चढ़ाई में 20% हादसे हुए। इनमें जोखिम जरूर सिर्फ 2 फीसदी था लेकिन सभी लोग मारे गए हों ऐसा 20 फीसदी बार हुआ। विमान के ऊपर उठने के वक्त 10 फीसदी घातक दुर्घटनाएं हुईं और इनमें     35 फीसदी मौतें हुईं। हालांकि इस दौरान जोखिम 14% था।
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इन कारणों से ये हादसे होते हैं घातक

  • लो एंड स्लो स्थिति : टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान विमान कम ऊंचाई पर और धीमी गति से होता है, जिससे पायलट के पास प्रतिक्रिया का समय कम होता है।
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  •  पर्यावरणीय और स्थिति संबंधी तनाव: कम ऊंचाई पर पक्षी टकराने और खराब मौसम का खतरा अधिक होता है।
  •  इंजन पर दबाव : उड़ान भरने के दौरान इंजन को अधिकतम  शक्ति देनी पड़ती है, इससे क्रैश होने की संभावना बढ़ जाती है।
  •  पायलट की गलती: लैंडिंग सबसे जटिल चरण होता है। इस वक्त पायलट को हवा की गति, दिशा और विमान के वजन जैसे कई कारकों को ध्यान में रखना होता है। ऐसे में             अधिकांश लैंडिंग हादसे पायलट की गलती से होते हैं।


इन खतरों के बाद भी यात्रा का सबसे सुरक्षित साधन
हादसों के खतरों के बावजूद हवाई सफर यात्रा के लिए किसी भी अन्य परिवहन साधन से अधिक सुरक्षित है। आंकड़ों को देखें तो पिछले कुछ सालों में विमानन लगातार सुरक्षित होता गया है। संयुक्त राष्ट्र निकाय अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के डाटा के अनुसार वाणिज्यिक उड़ानों में प्रति मिलियन प्रस्थान पर दुर्घटनाएं 2005 में 4.9 से घटकर 2023 में 1.9 हो गई हैं। उल्लेखनीय रूप से, आईसीएओ की विमान दुर्घटना की परिभाषा काफी व्यापक है, जिसमें छोटी-मोटी घटनाएं भी शामिल हैं, जहां विमान क्षतिग्रस्त हो जाता है और उसे मरम्मत की जरूरत होती है, या वह अस्थायी रूप से लापता हो जाता है।

2005 से 2023 के बीच किस चरण में कितने हादसे

  • लैंडिंग              738    (53%)
  • उड़ान भरते वक्त    118     (8.5%)
  • उतरने से पहले      115      (8.3%)
  • शुरुआती चढ़ाई      85      (6.1%)
  • क्रूज                     65      (4.7%)
  • टैक्सी इन              45      (3.2%)
  • रिजेक्टेट टेकऑफ   25      (1.8%)
  • अन्य                    202    (14.2%)
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