{"_id":"68fe02ec14f9d96426006841","slug":"ahead-of-asean-meet-cong-recalls-malaysian-pm-s-glowing-tributes-to-manmohan-singh-2025-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Congress: आसियान सम्मेलन से पहले कांग्रेस ने साझा किया मलयेशियाई PM का पुराना पोस्ट, पीएम मोदी पर कसा तंज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Congress: आसियान सम्मेलन से पहले कांग्रेस ने साझा किया मलयेशियाई PM का पुराना पोस्ट, पीएम मोदी पर कसा तंज
Sun, 26 Oct 2025 04:46 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 26 Oct 2025 04:46 PM IST
सार
कांग्रेस पार्टी की तरफ से पीएम मोदी पर आसियान शिखर सम्मेलन से पहले अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा गया है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर मलयेशियाई पीएम का पुराना पोस्ट साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि यह संदेश 'ऐसी सच्ची दोस्ती को दर्शाता है जो कभी प्रचारित या दिखावा नहीं की गई।'
विज्ञापन
जयराम रमेश, नेता, कांग्रेस
- फोटो : ANI
विस्तार
आसियान शिखर सम्मेलन से ठीक पहले कांग्रेस ने रविवार को मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को दी गई श्रद्धांजलि को याद किया। कांग्रेस ने कहा कि यह संदेश 'ऐसी सच्ची दोस्ती को दर्शाता है जो कभी प्रचारित या दिखावा नहीं की गई।'
जयराम रमेश ने साझा किया पोस्ट
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने एक्स पर मलयेशियाई प्रधानमंत्री का वह पोस्ट साझा किया, जो उन्होंने पिछले साल दिसंबर में मनमोहन सिंह के निधन के बाद लिखा था। अनवर इब्राहिम ने अपने पोस्ट में कहा था, 'मनमोहन सिंह जी के निधन की खबर सुनकर मेरे ऊपर गम का बोझ आ गया। उनके बारे में कई श्रद्धांजलियां, लेख और किताबें लिखी जाएंगी- उन्हें भारत के आर्थिक सुधारों के वास्तुकार के रूप में याद किया जाएगा।'
मलयेशियाई पीएम ने मनमोहन सिंह ऐसे की थी तारीफ
उन्होंने लिखा, 'प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह भारत के आर्थिक उदय के सूत्रधार थे। 1990 के दशक में जब हम दोनों अपने-अपने देशों के वित्त मंत्री थे, तब मैंने उनके सुधारों की शुरुआती झलक देखी थी। हम दोनों भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए एकजुट थे- यहां तक कि एक बड़े भ्रष्टाचार मामले को उजागर करने में साथ काम किया था।' इब्राहिम ने आगे कहा, 'मनमोहन सिंह एक ऐसे नेता थे जो राजनीति में भले थोड़े असहज लगते थे, लेकिन राज्यकर्ता के रूप में बेहद ईमानदार, दृढ़ और सिद्धांतवादी थे। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।'
विज्ञापन
उन्होंने मनमोहन सिंह के साथ अपने निजी रिश्ते का भी जिक्र किया, 'मेरी कैद के दौरान उन्होंने मेरे परिवार के प्रति ऐसी दया दिखाई जो न राजनीतिक रूप से फायदेमंद थी और न ही मलयेशियाई सरकार को पसंद आई। उन्होंने मेरे बच्चों, खासकर मेरे बेटे एहसान के लिए छात्रवृत्ति की पेशकश की थी। मैंने वह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया, लेकिन उनका यह कदम उनके असाधारण मानवता और उदारता का प्रमाण था।' उन्होंने आगे कहा, 'उन अंधेरे दिनों में जब मैं जेल में था, मनमोहन मेरे सच्चे मित्र की तरह मेरे साथ खड़े रहे। ऐसे शांत लेकिन महान कार्य उनके जीवन की पहचान थे। अलविदा मेरे मित्र, मेरे भाई, मनमोहन।' इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलयेशिया नहीं गए हैं और वे आसियान शिखर सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से भाग लेंगे। यह सम्मेलन 26 से 28 अक्तू बर तक कुआलालंपुर में चल रहा है।
इंडोनेशिया, मलयेशिया समेत 10 देश आसियान के सदस्य
आसियान-भारत संवाद संबंध 1992 में शुरू हुए थे, जो 1995 में पूर्ण संवाद साझेदारी और 2002 में शिखर स्तर की साझेदारी में तब्दील हुए। 2012 में इन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। आसियान के 10 सदस्य देश हैं- इंडोनेशिया, मलयेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया। पिछले कुछ वर्षों में भारत और आसियान के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा और रक्षा सहयोग के क्षेत्र में रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं।
विज्ञापन
जयराम रमेश ने साझा किया पोस्ट
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने एक्स पर मलयेशियाई प्रधानमंत्री का वह पोस्ट साझा किया, जो उन्होंने पिछले साल दिसंबर में मनमोहन सिंह के निधन के बाद लिखा था। अनवर इब्राहिम ने अपने पोस्ट में कहा था, 'मनमोहन सिंह जी के निधन की खबर सुनकर मेरे ऊपर गम का बोझ आ गया। उनके बारे में कई श्रद्धांजलियां, लेख और किताबें लिखी जाएंगी- उन्हें भारत के आर्थिक सुधारों के वास्तुकार के रूप में याद किया जाएगा।'
विज्ञापन
मलयेशियाई पीएम ने मनमोहन सिंह ऐसे की थी तारीफ
उन्होंने लिखा, 'प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह भारत के आर्थिक उदय के सूत्रधार थे। 1990 के दशक में जब हम दोनों अपने-अपने देशों के वित्त मंत्री थे, तब मैंने उनके सुधारों की शुरुआती झलक देखी थी। हम दोनों भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए एकजुट थे- यहां तक कि एक बड़े भ्रष्टाचार मामले को उजागर करने में साथ काम किया था।' इब्राहिम ने आगे कहा, 'मनमोहन सिंह एक ऐसे नेता थे जो राजनीति में भले थोड़े असहज लगते थे, लेकिन राज्यकर्ता के रूप में बेहद ईमानदार, दृढ़ और सिद्धांतवादी थे। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।'
विज्ञापन
As the Prime Minister prepares to have his summit meeting with ASEAN leaders under the chairmanship of the Malaysian PM shortly, it is worth recalling what the Malaysian Prime Minister himself had said on the demise of Dr. Manmohan Singh last December. This reflected TRUE… pic.twitter.com/1wzi0y5yoI
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) October 26, 2025
उन्होंने मनमोहन सिंह के साथ अपने निजी रिश्ते का भी जिक्र किया, 'मेरी कैद के दौरान उन्होंने मेरे परिवार के प्रति ऐसी दया दिखाई जो न राजनीतिक रूप से फायदेमंद थी और न ही मलयेशियाई सरकार को पसंद आई। उन्होंने मेरे बच्चों, खासकर मेरे बेटे एहसान के लिए छात्रवृत्ति की पेशकश की थी। मैंने वह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया, लेकिन उनका यह कदम उनके असाधारण मानवता और उदारता का प्रमाण था।' उन्होंने आगे कहा, 'उन अंधेरे दिनों में जब मैं जेल में था, मनमोहन मेरे सच्चे मित्र की तरह मेरे साथ खड़े रहे। ऐसे शांत लेकिन महान कार्य उनके जीवन की पहचान थे। अलविदा मेरे मित्र, मेरे भाई, मनमोहन।' इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलयेशिया नहीं गए हैं और वे आसियान शिखर सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से भाग लेंगे। यह सम्मेलन 26 से 28 अक्तू बर तक कुआलालंपुर में चल रहा है।
इंडोनेशिया, मलयेशिया समेत 10 देश आसियान के सदस्य
आसियान-भारत संवाद संबंध 1992 में शुरू हुए थे, जो 1995 में पूर्ण संवाद साझेदारी और 2002 में शिखर स्तर की साझेदारी में तब्दील हुए। 2012 में इन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। आसियान के 10 सदस्य देश हैं- इंडोनेशिया, मलयेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया। पिछले कुछ वर्षों में भारत और आसियान के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा और रक्षा सहयोग के क्षेत्र में रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं।