अगस्ता वेस्टलैंड: ऊंची पहुंच से मिटा सकता है सबूत, क्रिश्चयन मिशेल की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित
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दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा मामले में गिरफ्तार किए गए कथित बिचौलिए क्रिश्चयन मिशेल की जमानत याचिका पर फैसला 22 दिसंबर तक सुरक्षित रख लिया।
ब्रिटिश नागरिक मिशेल (57) ने अदालत से कहा कि पूछताछ के लिए उसे अब और हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है तथा इससे कोई लाभ नहीं होगा। मिशेल को 15 दिन के लिए सीबीआई की हिरासत में भेजा गया था। उसे संयुक्त अरब अमीरात में गिरफ्तार किया गया था और चार दिसंबर को भारत को प्रत्यर्पित किया गया था। इसके अगले दिन उसे अदालत में पेश किया गया था।
अदालत ने मिशेल को पहले पांच दिन के लिए सीबीआई की हिरासत में भेजा था और बाद में इसकी अवधि बढ़ा दी थी। मिशेल इस सौदे में शामिल तीन बिचौलियों में से एक है। इस मामले की जांच सीबीआई और प्रर्वतन निदेशालय कर रहे हैं। अन्य दो आरोपी गुइदो हास्के और कार्लो गेरोसा हैं।
डिसलेक्सिया बीमारी का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान मिशेल के वकील अल्जो जोसेफ ने कोर्ट से जमानत की गुहार लगाई और कहा कि लंबे समय से कैद में रहने के कारण मिशेल की तबीयत बिगड़ गई है। सीबीआई ने मिशेल की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मिशेल की पहुंच काफी ऊपर तक है। वह अपने प्रभाव से सबूत मिटाने की कोशिश कर सकता है। इसलिए उसे जमानत दिए जाने से जांच पर असर पड़ सकता है इसलिए उसे जमानत न दी जाए।
वकील ने एकबार फिर कोर्ट को उसकी डिसलेक्सिया बीमारी का हवाला दिया। सीबीआई इस दावे को जांचने के लिए उससे कर्सिव अंग्रेजी लिखवा रही है। मिशेल पहले ही सीबीआई की मांग पर पांच महीनों के लिए दुबई में हिरासत में रखा गया। इसके बाद दिल्ली में भी सीबीआई उससे 15 दिनों से पूछताछ कर रही है। जोसेफ ने कहा कि मिशेल जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। वकील ने कहा कि हम जमानत की हर शर्त मानने को तैयार हैं। इस केस में कोर्ट दूसरे आरोपियों को जमानत दे चुकी है।
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