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आगरा: पीठ ने ताजमहल के ईद गिर्द सफाई न होने पर लगाई फटकार
ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 28 Jul 2016 03:34 AM IST
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Taj Mahal
- फोटो : pti
ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में यमुना किनारे अवैध निर्माण मामले में अगली सुनवाई तीन अगस्त के लिए टाल दी है। इस बीच पीठ ने जल निगम और नगर निगम को कहा है कि वे अगली सुनवाई तक बताएं कि शहर में कितना सीवेज और ठोस कचरा प्रतिदिन पैदा होता है।
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इसमें से कितने सीवेज का शोधन किया जाता है और कितने सीवेज की बिना शोधन यमुना में निकासी की जा रही है। वहीं ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर लैंडफिल साइट व निष्पादन को लेकर मौजूदा क्या स्थिति है।
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जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुप्रीम कोर्ट अनुश्रवण समिति के सदस्य और याची डीके जोशी की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। पीठ ने अगली सुनवाई में नगर निगम और जल निगम के अधिकारी को पेश होने का भी मौखिक निर्देश दिया है।
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ताजमहल के आसपास गंदगी को लेकर पीठ ने प्राधिकरणों को फटकार भी लगाई। बेंच ने कहा कि आगरा विकास प्राधिकरण, आगरा नगर निगम, जल निगम व सिंचाई विभाग व उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले पर शीघ्र बैठक कर कार्ययोजना तैयार करें। वहीं अगली सुनवाई में बैठक के बाद तैयार की जाने वाली कार्ययोजना ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करे।
सुनवाई के दौरान आगरा विकास प्राधिकरण और आरोपी बिल्डर्स की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अपनी दलील में कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वाले सभी आरोपी बिल्डर्स की सुनवाई पांच-पांच का समूह बनाकर की जाए। इस पर पीठ ने कहा कि वे इस संबंध में अगली सुनवाई में देखेंगे।
पीठ ने कहा कि बिल्डर्स की सुनवाई के दौरान यह संख्या 6 या 7 भी हो सकती है। मालूम हो कि यमुना डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वाले 19 बड़े बिल्डर्स और बी कटेगरी के 58 परियोजनाओं की सूची आगरा विकास प्राधिकरण ने ट्रिब्यूनल को सौंपी थी। इसके बाद पीठ ने सभी बिल्डर्स को अपना पक्ष रखने के लिए आखिरी मौका दिया था।