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MIRV: क्या है एमआईआरवी तकनीक से लैस अग्नि-5 मिसाइल? एक साथ कई दिशाओं में वार करने की क्षमता; जानें सब कुछ
सार
एमआईआरवी तकनीक की इस अग्नि-5 मिसाइल प्राणाली से एक रॉकेट में कई वारहेड (हथियार) होते हैं। इनमें अपने टारगेट को खोजने और विभिन्न दिशाओं में जाकर ध्वस्त करने की क्षमता होती है। यह एक आक्रमण करने वाली मिसाइल प्रणाली है।
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DRDO
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के रक्षा वैज्ञानिकों द्वारा अग्नि-5 के परीक्षण पर बधाई दी है। यह मिसाइल प्रणाली एमआईआरवी(मल्टीपल इंडीपेंट रीएंट्री व्हीकल) तकनीक पर आधारित है। अग्नि-5 मिसाइल का कार्यक्रम 2008 से आरंभ है। इस श्रेणी की मिसाइल प्रणाली भारतीय सेना में शामिल भी हो चुकी है। इसकी मारक क्षमता 5000 किमी से अधिक है और इसकी जद में चीन और आधा यूरोप भी आता है। लेकिन एमआईआरवी तकनीक आधारित यह अग्नि-5 मिसाइल कुछ खास क्षमताओं से युक्त है।
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एमआईआरवी तकनीक की इस अग्नि-5 मिसाइल प्राणाली से एक रॉकेट में कई वारहेड (हथियार) होते हैं। इनमें अपने टारगेट को खोजने और विभिन्न दिशाओं में जाकर ध्वस्त करने की क्षमता होती है। यह एक आक्रमण करने वाली मिसाइल प्रणाली है। इसमें कई वारहेड होने और विभिन्न दिशाओं में हमला करने की स्वतंत्रता के कारण दुश्मन के लिए इसके हमलों को रोक पाना बहुत मुश्किल है। इसलिए इसे भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों की बहुत बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस तरह की मिसाइल तकनीक के लिए पड़ोसी देश पाकिस्तान काफी समय से प्रयास कर रहा है। हालांकि चीन की सेना में इस श्रेणी की मिसाइल है।
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भारत ने 2012 में किया था पहला अग्नि-5 का परीक्षण
भारत ने अग्नि-5 के मिसाइल कार्यक्रम को 2008 में आरंभ किया था। अग्नि-5 का तात्पर्य 5000 किमी अथवा इससे अधिक दूरी तक मार करने वाली मिसाइल। 2012 में इसका पहला सफल परीक्षण हुआ था। 2024 में एमआईआरवी तकनीक आधारित इसके उन्नत संस्करण का परीक्षण हुआ है। इस तकनीक क्लब में चीन के बाद भारत दूसरा देश है, जिसके पास यह क्षमता आई है। डीआरडीओ के मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े पूर्व रक्षा वैज्ञानिक ने इसे भारत की अपूतपूर्व उपलब्धि बनाया है। सूत्र का कहना है कि भारत के मिसाइल कार्यक्रम किसी को डराने के लिए नहीं है। यह रक्षा क्षेत्र में देश को आत्म निर्भर बनाने का प्रयास है। बताते चलें कि पूर्व राष्ट्रपति और देश के शीर्ष वैज्ञानिक अब्दुल कलाम ने भारत के मिसाइल कार्यक्रम को रणनीतिक दिशा दी थी। अग्नि-5 इस मिसाइल कार्यक्रम का अंतिम चरण है।
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प्रधानमंत्री की बड़ी घोषणा ने सबको चौंकाया
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बड़ी घोषणा करने और राष्ट्र के नाम संदेश ने सभी को चौंका दिया। सूचना सूत्रों के हवाले से चली, लेकिन आसन्न लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा ने सभी को चौंका दिया। प्रधानमंत्री समय-समय पर बड़ा कदम उठाकर चौंकाते रहते हैं। इसलिए कयासों के बाजार ने भी अच्छा गोता लगाया। देश के इलेक्ट्रानिक मीडिया ने इस दौरान सीएए को लागू करने की घोषणा, एमएसपी की गारंटी देने जैसी तमाम संभावनाओं का खुलासा कर दिया। हालांकि प्रधानमंत्री अपने समय पर सोशल मीडिया में संदेश के जरिए आए। उन्होंने देश के रक्षा वैज्ञानिकों को एमआईआरवी तकनीक आधारित अग्नि-5 मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए बधाई और शुभकामना दी। प्रधानमंत्री ने इसे दिव्या के परीक्षण की संज्ञा दी।