{"_id":"5f45325c8ebc3e6d02509778","slug":"after-the-ban-on-apps-now-the-indian-government-is-targeting-chinese-toys-preparing-to-give-a-blow-of-2000-crores-to-china","type":"story","status":"publish","title_hn":"एप्स पर पाबंदी के बाद अब चीन को 2000 करोड़ का झटका देने की तैयारी में भारत सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
एप्स पर पाबंदी के बाद अब चीन को 2000 करोड़ का झटका देने की तैयारी में भारत सरकार
Tue, 25 Aug 2020 09:16 PM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Tue, 25 Aug 2020 09:16 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
भारत-चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव अभी बरकरार है। चीनी सेना लद्दाख के कुछ क्षेत्रों में पीछे हटने से इंकार कर रही है और लगातार उकसावे की कार्रवाई कर रही है। इन सबके बीच भारत सरकार भी चीन को मुंहतोड़ जवाब दे रही है और उसे सैन्य क्षेत्र के साथ-साथ आर्थिक स्तर पर भी चोट पहुंचाने का काम कर रही है।
विज्ञापन
कई सारे चीनी एप्स पर पाबंदी लगाने के बाद अब भारत सरकार चीन को आर्थिक स्तर पर एक और बड़ा झटका देने की तैयारी में है। नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार अब चीन से आयात होने वाले खिलौनों पर शिकंजा कसने की योजना बना रही है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में आयातित होने वाले खिलौनों में से 80 फीसदी खिलौने चीन से आते हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारत में चीनी खिलौनों का करीब 2000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है।
विज्ञापन
सरकारी सूत्रों के अनुसार चीन खराब गुणवत्ता के खिलौने भारत भेजता है। चीनी खिलौने क्वालिटी कंट्रोल में भी फेल होते हैं। पिछले कुछ दिनों में चीनी खिलौनों की बारीकी से जांच की गई तो पता चला कि चीनी खिलौने भारतीय मापदंड में पूरी तरफ फेल हैं और वे बच्चों के लिए असुरक्षित साबित हुए हैं।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक चीनी खिलौनों में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक और रंग नुकसानदेह होते हैं और छोटे बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा चीनी खिलौनों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल भी बहुत हानिकारक होते हैं।
इन सबको देखते हुए सरकार पीएम नरेंद्र मोदी के 'लोकल पर वोकल' अभियान के तहत देश में ही खिलौनों के निर्माण पर जोर दे रही है। शनिवार को इसे लेकर एक बैठक भी बुलाई गई थी जिसमें मिटटी, लकड़ी के पारंपरिक खिलौनों के निर्माण पर जोर दिया गया। साथ ही रिमोट कंट्रोल से चलने वाले खिलौनों को लेकर भी चर्चाएं हुई।