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Supreme Court: सुप्रीम फैसले के बाद अगले साल फरवरी में होगी पहली नियुक्ति, अनूप चंद्र पांडेय होंगे सेवानिवृत्त

Fri, 03 Mar 2023 05:44 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 03 Mar 2023 05:44 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और निर्वाचन आयुक्तों (ईसी) की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम जैसी व्यवस्था बनाने की मांग करने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को अपना फैसला सुनाया।

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After Supreme court decision first appointment will be in February next year, Anup Chandra Pandey will retire
सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय अगले साल 14 फरवरी को रिटायर होने वाले हैं। चुनाव आयोग में तभी पहली रिक्ति होगी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर पहली नियुक्ति उसी समय संभव होगी। पांडेय की जगह नई नियुक्ति मार्च, 2024 में अगले लोकसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले होगी। वर्तमान में संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति मुख्य चुनाव आयुक्त व अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करते हैं। 

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अरुण गोयल की नियुक्ति में जल्दबाजी पर उठाए थे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 24 नवंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान शीर्ष कोर्ट ने पूर्व नौकरशाह अरुण गोयल को जल्दबाजी में चुनाव आयोग नियुक्त करने पर सवाल उठाए थे। तब सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि गोयल की नियुक्ति की फाइल बिजली की गति से दौड़ी थी।
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अगले मुख्य चुनाव आयुक्त होंगे गोयल : पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी गोयल को पिछले साल 19 नवंबर को चुनाव आयुक्त बनाया गया था। उस दौरान सुप्रीम कोर्ट में यह मामला सुनवाई के स्तर पर लंबित था। गोयल वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की फरवरी, 2025 में सेवानिवृत्ति के बाद देश के मुख्य चुनाव आयुक्त बनेंगे। उनका पूरा कार्यकाल 5 साल से कुछ अधिक होगा।
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प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और चीफ जस्टिस की कमेटी करेगी निर्वाचन आयुक्त का चुनाव
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और निर्वाचन आयुक्तों (ईसी) की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम जैसी व्यवस्था बनाने की मांग करने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को अपना फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ अपने फैसले में कहा कि प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष या सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की कमेटी मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों का चयन करेगी। हालांकि, नियुक्ति का अधिकार राष्ट्रपति के पास ही रहेगा। 


चुनाव आयोग की निष्पक्षता सबसे अहम
जज जस्टिस केएम जोसेफ, जस्टिस अजय रस्तोगी, न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस, न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की बेंच ने याचिका में चुनाव आयोग में सीबीआई की तर्ज पर नियुक्ति की मांग को लेकर एकमत से फैसला सुनाया। पीठ ने पिछले साल 24 नवंबर को इस मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मत फैसले में चुनाव प्रक्रियाओं में निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र लोगों की इच्छा से जुड़ा है। संविधान पीठ ने कहा कि लोकतंत्र नाजुक है और कानून के शासन पर बयानबाजी इसके लिए नुकसानदेह हो सकती है। कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव में निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए, वर्ना इसके विनाशकारी परिणाम होंगे। कोर्ट ने कहा कि भारत का निर्वाचन आयोग (ईसीआई) स्वतंत्र व निष्पक्ष तरीके से काम करने के लिए बाध्य है और उसे संवैधानिक ढांचे के भीतर कार्य करना चाहिए।

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